Bihar News: सीमांचल में सियासी तूफान, अमित शाह के दौरे पर RJD का सनसनीखेज दावा- बिहार-बंगाल के हिस्सों से बनेगा नया केंद्र शासित प्रदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे पर RJD ने सनसनीखेज दावा किया - सीमांचल, बंगाल के हिस्सों से केंद्र शासित प्रदेश बनेगा।
Bihar News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार के सीमांचल दौरे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने दावा किया है कि इस दौरे के पीछे बिहार के सीमांचल इलाके और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की साजिश है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए हर जरूरी फैसला लिया जाएगा। इस विवाद ने बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है, जहां सीमा सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव बड़े मुद्दे बन सकते हैं।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सीमांचल के किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में घुसपैठ और अवैध प्रवास की शिकायतें बढ़ रही हैं। शाह का दौरा सुरक्षा समीक्षा के साथ-साथ विकास योजनाओं पर फोकस करेगा, लेकिन RJD के दावे ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बहस 2026 के बंगाल चुनाव में ध्रुवीकरण का हथियार बन सकती है।
अमित शाह के तीन दिवसीय दौरे का पूरा शेड्यूल और मकसद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बिहार दौरा सीमांचल पर केंद्रित है। वे किशनगंज में पहुंचकर स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जहां भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा पर चर्चा होगी। अगले दिन अररिया और पूर्णिया में विकास परियोजनाओं की समीक्षा होगी, जिसमें सड़क, बिजली और सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। अंतिम दिन कटिहार में जनसभा को संबोधित करते हुए वे घुसपैठ के मुद्दे पर बोल सकते हैं।
शाह ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में वादा किया था कि हर घुसपैठिए की शिनाख्त कर उन्हें देश से बाहर किया जाएगा। इस दौरे को उसी वादे की दिशा में कदम माना जा रहा है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दौरा सीमा सुरक्षा बल (BSF) की क्षमता बढ़ाने और खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर फोकस करेगा। हाल के महीनों में सीमांचल में अवैध प्रवासियों की गिरफ्तारियां बढ़ी हैं, जिससे स्थानीय आबादी में चिंता है। शाह की बैठक में ड्रोन सर्विलांस, फेंसिंग और इंटेलिजेंस शेयरिंग जैसे उपायों पर जोर होगा।
यह दौरा बंगाल चुनाव से ठीक पहले हो रहा है, जहां BJP ममता बनर्जी की TMC को चुनौती दे रही है। सीमांचल के मुद्दे को उठाकर BJP बंगाल के उत्तरी जिलों में समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शाह का दौरा सुरक्षा से ज्यादा चुनावी रणनीति का हिस्सा लगता है।
केंद्र शासित प्रदेश बनाने की साजिश
RJD ने अमित शाह के दौरे को केंद्र की साजिश करार दिया है। पार्टी के प्रधान महासचिव और विधायक अब्दुल बारी सिद्दीकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि बिहार के सीमांचल जिलों को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर जैसे इलाकों से जोड़कर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह प्लान ममता बनर्जी और RJD के मुस्लिम वोट बैंक को तोड़ने के लिए है। अमित शाह इसी फैसले पर मुहर लगाने आए हैं।”
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि घुसपैठ को बहाना बनाकर BJP जनसांख्यिकीय बदलाव का कार्ड खेल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने से बिहार का एक बड़ा हिस्सा केंद्र के अधीन आएगा, जिससे स्थानीय नेतृत्व कमजोर होगा। RJD ने इसे संघीय ढांचे पर हमला बताया और कहा कि इससे बंगाल चुनाव में BJP को फायदा होगा। पार्टी ने मांग की कि केंद्र इस दावे पर स्पष्ट करे।
RJD के इस बयान ने विपक्षी दलों को एकजुट किया है। कांग्रेस ने भी समर्थन देते हुए कहा कि केंद्र राज्यों के अधिकारों में दखल दे रहा है। वहीं, TMC ने बंगाल में इस मुद्दे को उठाकर ममता बनर्जी की छवि मजबूत करने की कोशिश की है।
BJP का तीखा पलटवार – घुसपैठ पर कोई समझौता नहीं
RJD के दावे पर BJP ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक और प्रवक्ता नीरज कुमार बबलू ने कहा, “सीमांचल की असली समस्या घुसपैठ है, जो RJD की नीतियों से बढ़ी है। अमित शाह घुसपैठ रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे, चाहे केंद्र शासित प्रदेश बनाना ही क्यों न पड़े।” उन्होंने RJD पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों को संरक्षण दे रहे हैं और शाह का नाम सुनकर घबरा जाते हैं।
BJP ने दावा किया कि शाह का दौरा सुरक्षा और विकास पर केंद्रित है, न कि राजनीति पर। पार्टी ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 2014 से अब तक सीमांचल में घुसपैठ 40% बढ़ी है, जिससे स्थानीय संसाधनों पर दबाव है। उन्होंने CAA और NRC का जिक्र करते हुए कहा कि अवैध प्रवासियों को बाहर करने की प्रक्रिया तेज होगी। BJP के इस स्टैंड ने उसके कैडर को उत्साहित किया है, जो बंगाल चुनाव में इसी मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं।
प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा इंतजाम
अमित शाह के दौरे को लेकर सीमांचल का प्रशासन हाई अलर्ट पर है। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया है। खुफिया एजेंसियां संभावित प्रदर्शनों पर नजर रख रही हैं।
जिला प्रशासन को विकास योजनाओं की रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश हैं। हाल में शुरू हुई गंगा जल परियोजना, सड़क नेटवर्क और कृषि योजनाओं पर चर्चा होगी। शाह के दौरे से पहले BSF ने सीमा पर पेट्रोलिंग बढ़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि दौरा शांतिपूर्ण होगा और इससे क्षेत्र का विकास तेज होगा।
राजनीतिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
यह विवाद बंगाल चुनाव से पहले आया है, जहां सीमांचल जैसी समस्याएं वोट बैंक को प्रभावित कर सकती हैं। RJD और TMC मुस्लिम बहुल इलाकों में BJP पर हमला कर रही हैं, जबकि BJP हिंदू वोटों को एकजुट करने की कोशिश में है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र शासित प्रदेश बनाने का दावा अतिरंजित है, लेकिन घुसपैठ पर सख्ती बढ़ सकती है।
अगर केंद्र ऐसा कोई कदम उठाता है तो संवैधानिक चुनौती आएगी, क्योंकि राज्य पुनर्गठन के लिए संसद की मंजूरी जरूरी है। इतिहास में जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित बनाने का उदाहरण है, लेकिन यहां स्थिति अलग है। फिलहाल, शाह का दौरा इस बहस को और तीखा कर सकता है।
Bihar News: सुरक्षा vs सियासत का खेल
अमित शाह का सीमांचल दौरा सुरक्षा मजबूत करने का प्रयास है, लेकिन RJD के दावे ने इसे सियासी रंग दे दिया। घुसपैठ एक गंभीर समस्या है, लेकिन इसे चुनावी हथियार बनाने से विकास प्रभावित हो सकता है। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह दौरा क्या नतीजे लाएगा।



