Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: बिहार की 18 लाख महिलाओं को सीएम नीतीश की बड़ी सौगात, 15 मार्च के बाद खाते में आएंगे 10-10 हजार रुपये, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत DBT से ट्रांसफर
नीतीश सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, 15 मार्च 2026 के बाद 18 लाख महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये DBT से ट्रांसफर, स्वरोजगार को बढ़ावा
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: बिहार सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana) के तहत राज्य की करीब 18 लाख महिलाओं को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। सूत्रों के अनुसार, 15 मार्च 2026 के बाद इन महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। यह राशि महिलाओं को अपनी पसंद का छोटा व्यवसाय शुरू करने या स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहन के रूप में दी जा रही है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका मुख्य लक्ष्य राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रथम किस्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए जाते हैं, ताकि वे अपनी रुचि के अनुसार कोई छोटा उद्यम या रोजगार शुरू कर सकें। इसके बाद, महिलाओं द्वारा व्यवसाय शुरू करने के छह महीने बाद प्रदर्शन का आकलन किया जाता है और जरूरत के आधार पर अतिरिक्त 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जा सकती है।
यह योजना ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत बिहार ग्रामीण जीविका प्रोत्साहन समिति (जीविका) द्वारा संचालित की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होंगी बल्कि परिवार और समाज में उनकी भूमिका भी बढ़ेगी। योजना में समूह आधारित मॉडल पर जोर दिया गया है, जहां 10-15 महिलाओं का एक समूह बनाकर जीविका से जोड़ा जाता है। इससे सामूहिक रूप से व्यवसाय चलाना आसान होता है और आय में स्थायी वृद्धि संभव हो पाती है।
इस बार शहरी महिलाओं को प्राथमिकता
सूत्रों के मुताबिक, इस चरण में शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। ऑनलाइन आवेदन करने वाली महिलाओं के दस्तावेजों और पात्रता की जांच तेजी से की जा रही है। नगर विकास विभाग को सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है और निर्देश दिए गए हैं कि 15 मार्च तक पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद ही भुगतान शुरू होगा।
पहले चरण में कई लाख महिलाओं को यह राशि मिल चुकी है। हाल ही में फरवरी 2026 में 25 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे, जिसकी कुल राशि 2500 करोड़ रुपये थी। अब तक योजना के तहत कुल 1.81 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10 हजार रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है। यह नई खेप 18 लाख महिलाओं के लिए है, जिनकी सत्यापन प्रक्रिया चल रही है।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
योजना के लिए पात्र होने वाली महिलाओं की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदिका या उनके पति आयकर दाता नहीं होने चाहिए। परिवार की वार्षिक आय सीमा भी निर्धारित है। आवेदन मुख्य रूप से ऑनलाइन जीविका पोर्टल या संबंधित ऐप के माध्यम से किया जाता है। सत्यापन के बाद ही लाभार्थी सूची में नाम शामिल होता है।
योजना में महिलाओं को विभिन्न छोटे व्यवसायों जैसे सिलाई, किराना दुकान, पोल्ट्री फार्मिंग, हैंडीक्राफ्ट आदि के विकल्प दिए जाते हैं। प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि व्यवसाय सफल हो सके।
महिलाओं के सशक्तिकरण में योगदान
बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, लेकिन मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना विशेष रूप से स्वरोजगार पर केंद्रित है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को लाभ मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना न केवल आर्थिक मदद दे रही है बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है। समूह गठन से महिलाएं एक-दूसरे से सीखती हैं और बाजार में बेहतर पहुंच बनाती हैं।
हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में लंबित भुगतान या अतिरिक्त किस्तों पर सवाल उठे हैं, लेकिन सरकार ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का दावा किया है। सभी पात्र महिलाओं को समय पर लाभ मिले, इसके लिए सतत निगरानी की जा रही है।
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें 15 मार्च के बाद होने वाले भुगतान पर टिकी हैं। यदि सत्यापन समय पर पूरा हो गया, तो लाखों महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर हो जाएगी। यह राशि होली के बाद मिलने से महिलाओं के लिए उत्सव की खुशियां दोगुनी हो सकती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि योजना के माध्यम से महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि हो और बिहार में महिला उद्यमिता को नई ऊंचाई मिले।
यह योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पात्र महिलाएं जीविका पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकती हैं।



