Bihar News: बांका जिले में अमरपुर बाईपास निर्माण को मिली नई रफ्तार, 7 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 8 एकड़ जमीन का अधिग्रहण तेज
बांका जिले में 7 किमी अमरपुर बाईपास के लिए अतिक्रमण हटाने और 8 एकड़ भूमि अधिग्रहण तेज, 74 करोड़ की परियोजना से जाम मुक्ति की उम्मीद
Bihar News: बांका जिले के अमरपुर में लंबे समय से अटके बाईपास निर्माण कार्य में अब तेजी आने की उम्मीद जगी है। प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को गति दी है, जिससे स्थानीय निवासियों को जाम से राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है। मंगलवार को एडीएम अजीत कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने प्रस्तावित बाईपास मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए। यह परियोजना लगभग 74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही है और इससे अमरपुर शहर में यातायात की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
स्थलीय निरीक्षण और अतिक्रमण पर सख्ती
प्रशासनिक टीम ने चपरी मोड़, दिग्घीपोखर और आसपास के क्षेत्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दिग्घीपोखर के निकट अतिक्रमण पूरी तरह हटाए न जाने पर एडीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत अतिक्रमण हटाने का सख्त निर्देश दिया। टीम में भू-अर्जन पदाधिकारी रंजीत कुमार, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता बिनोद दास, अपर निबंधन कार्यालय के रजिस्ट्रार मुकेश कुमार सुमन और सीओ रजनी कुमारी शामिल थे।
इस दौरान पवई, सिहुडी और अन्य मौजाओं में रैयती, आवासीय तथा कृषि भूमि के अधिग्रहण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जमीन मालिकों से बातचीत की और प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया। अतिक्रमण हटाने के बाद निर्माण कार्य में स्पष्ट रास्ता मिलेगा, जिससे परियोजना समय पर पूरी हो सकेगी। स्थानीय लोग लंबे समय से इस बाईपास की मांग कर रहे थे, क्योंकि अमरपुर में मुख्य सड़क पर रोजाना जाम लगता है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और लागत
अमरपुर बाईपास कुल 7 किलोमीटर लंबा होगा। इसकी अनुमानित लागत 74 करोड़ रुपये है। बाईपास सिहुडी मोड़ से शुरू होकर वीदनचक बहियार, दिग्घीपोखर पीरबाबा स्थान, शाहकुंड पथ के चपरी मोड़, सुरिहारी होते हुए कुल्हड़िया चौक तक जाएगा। यह मार्ग राज्य पथ-25 से जुड़ेगा और मुख्य सड़क पर आने वाले ट्रैफिक को बाईपास करेगा।
परियोजना के तहत बैजूडीह, सिहुडी और पवई मौजा में कुल 85 खेसरा की लगभग 8 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 67 खेसरा रैयती भूमि है, जबकि बाकी सरकारी जमीन शामिल है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है और प्रशासन ने इसे प्राथमिकता दी है। कुछ हिस्सों में बलूआ से सुरिहारी तक कालीकरण का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।
निर्माण में देरी के कारण और अब उम्मीद
यह बाईपास परियोजना करीब तीन वर्ष पहले शुरू हुई थी। स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री जयंत राज कुशवाहा ने इसका शिलान्यास किया था। लेकिन भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण कार्य धीमा रहा। स्थानीय निवासियों को जाम और ट्रैफिक की समस्या से जूझना पड़ता रहा। अब प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ने से निर्माण को नई गति मिलेगी।
एडीएम अजीत कुमार ने कहा कि अतिक्रमण हटाने और भूमि अधिग्रहण को शीघ्र पूरा किया जाएगा। इससे बाईपास का निर्माण तेजी से आगे बढ़ेगा। अधिकारियों का लक्ष्य है कि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो और लोगों को इसका लाभ मिले। बाईपास बनने से अमरपुर शहर में यातायात सुगम होगा, समय की बचत होगी और ईंधन की खपत भी कम होगी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और प्रभाव
अमरपुर के निवासी इस परियोजना से काफी उत्साहित हैं। लंबे समय से वे मुख्य सड़क पर जाम से परेशान थे। बाईपास बनने से बाजार, स्कूल और अस्पताल जाने में आसानी होगी। व्यापारी वर्ग को भी फायदा होगा, क्योंकि माल ढुलाई तेज होगी। साथ ही, यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
बिहार सरकार की सड़क विकास योजनाओं के तहत यह परियोजना महत्वपूर्ण है। इससे बांका जिले में इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा और आसपास के इलाकों से जुड़ाव बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परियोजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देंगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगी।
Bihar News: आगे क्या?
अब सारी नजरें भूमि अधिग्रहण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पर हैं। यदि ये कार्य समय पर पूरे हो गए, तो निर्माण कार्य में तेजी आएगी। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी बाधा न आने दी जाए। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही बाईपास का निर्माण पूरा हो जाएगा और अमरपुर जाम मुक्त होगा।
यह परियोजना बिहार के सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बांका जिला प्रशासन की सक्रियता से अब उम्मीद है कि पुरानी समस्याओं का समाधान जल्द होगा।



