BTSC ANM Recruitment: बिहार में स्टाफ नर्स भर्ती पर ब्रेक, BTSC की 11,389 पदों वाली प्रक्रिया कोर्ट केस में अटकी, DV रुका
BTSC की 11,389 स्टाफ नर्स (ग्रेड-ए) भर्ती पटना हाईकोर्ट केस में ठप, DV और नियुक्ति पर रोक, अभ्यर्थी इंतजार में
BTSC ANM Recruitment: बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्टाफ नर्सों की भर्ती प्रक्रिया अचानक रुक गई है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) द्वारा आयोजित 11,389 स्टाफ नर्स (ग्रेड-ए) पदों की भर्ती अब पटना हाईकोर्ट में लंबित मामले के कारण ठप पड़ गई है। परीक्षा परिणाम दिसंबर 2025 में जारी होने के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) और नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों की याचिका के चलते अदालत ने अस्थायी रोक लगा दी। अभ्यर्थी अब कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जबकि राज्य के सरकारी अस्पतालों में नर्सों की कमी पहले से ही गंभीर समस्या बनी हुई है।
भर्ती प्रक्रिया का पूरा समय-सारिणी
यह बहाली बिहार स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी नर्स भर्तियों में से एक मानी जा रही थी। BTSC ने इन पदों पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का आयोजन किया। परीक्षा 30 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक विभिन्न केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। लाखों अभ्यर्थियों ने इसमें हिस्सा लिया।
आयोग ने परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बरतने का दावा किया था। इसके बाद अभ्यर्थियों का इंतजार रिजल्ट का रहा। आखिरकार 11 दिसंबर 2025 को BTSC ने आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट घोषित कर दिया। सफल अभ्यर्थी अपना स्कोर और कट-ऑफ चेक कर सके थे। रिजल्ट के बाद अगला चरण डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच का था, जिसकी तैयारी चल रही थी।
कोर्ट केस ने क्यों रोकी प्रक्रिया?
रिजल्ट जारी होने के कुछ दिनों बाद ही कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया, क्वेश्चन पेपर, मूल्यांकन और आरक्षण नियमों को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई शुरू की और फिलहाल DV तथा आगे की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी।
फरवरी 2026 तक की जानकारी के अनुसार, मामला अभी विचाराधीन है। कोर्ट में अंतिम सुनवाई का इंतजार है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर याचिका खारिज होती है तो प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकती है, लेकिन अगर कोर्ट रिजल्ट रद्द करने या पुनर्मूल्यांकन का आदेश देता है तो देरी और बढ़ सकती है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जा रही है कि वे नियमित रूप से BTSC की आधिकारिक वेबसाइट और कोर्ट की वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर और सरकार की तैयारी
बिहार में सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ नर्सों की कमी लंबे समय से चली आ रही है। यह भर्ती इसी कमी को दूर करने के लिए शुरू की गई थी। प्रक्रिया रुकने से हजारों उम्मीदवारों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में जहां पहले से ही नर्सों की कमी है, वहां स्थिति और जटिल हो सकती है।
सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। BTSC के 2026 परीक्षा कैलेंडर में ANM (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ) के 8,938 पदों सहित कुल 42,467 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। इनमें स्टाफ नर्स के अलावा अन्य पैरामेडिकल और तकनीकी पद भी शामिल हैं। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि मौजूदा मामले का जल्द निपटारा होने पर नई भर्तियां भी समय पर शुरू हो सकेंगी।
BTSC ANM Recruitment: अभ्यर्थियों के लिए सलाह और अगले कदम
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नियमित रूप से BTSC की आधिकारिक वेबसाइट (btsc.bihar.gov.in) पर विजिट करें।
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पटना हाईकोर्ट की वेबसाइट पर केस स्टेटस ट्रैक करें।
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किसी भी अफवाह या फर्जी अपडेट पर भरोसा न करें, केवल आधिकारिक स्रोतों पर निर्भर रहें।
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अगर DV शुरू होता है तो जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें, जैसे शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र आदि।
यह भर्ती बिहार के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर है। कोर्ट के फैसले के बाद उम्मीद है कि प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी और हजारों नर्सों को सरकारी नौकरी मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग में इन नियुक्तियों से राज्य की मेडिकल सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।



