Bihar Train Accident News: दरभंगा-फारबिसगंज डेमू ट्रेन को पलटाने की साजिश नाकाम, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा रेल हादसा
मधुबनी में ट्रेन पलटाने की बड़ी साजिश, ट्रैक पर रखा 3.5 मीटर लंबा गाटर, लोको पायलट ने बचाई सैकड़ों जानें।
Bihar Train Accident News: बिहार के मधुबनी जिले में एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर साजिश का मामला सामने आया है। दरभंगा से फारबिसगंज जा रही डेमू ट्रेन को डिरेल करने की कोशिश नाकाम हो गई। झंझारपुर जंक्शन से तमुरिया स्टेशन के बीच ट्रैक पर करीब साढ़े तीन मीटर लंबा भारी लोहे का गाटर रखा गया था। अगर ट्रेन उससे टकरा जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था और सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। लोको पायलट की तत्परता और सूझबूझ से ट्रेन समय रहते रुक गई और हादसा टल गया। रेलवे प्रशासन ने इसे गंभीर साजिश मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। डेमू ट्रेन (75217) अपने निर्धारित समय पर चल रही थी। झंझारपुर जंक्शन से निकलकर तमुरिया स्टेशन की ओर बढ़ रही ट्रेन एलसी गेट नंबर 62-सी के पास पहुंची। तभी लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखे भारी लोहे के टुकड़े पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। ट्रेन कुछ मीटर पहले ही रुक गई। इस फैसले ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई।
मालगाड़ी के बाद ट्रैक पर रखा गया गाटर, साजिश की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, डेमू ट्रेन गुजरने से करीब एक घंटा पहले उसी रूट से एक मालगाड़ी गुजरी थी। मालगाड़ी के निकलने के बाद ही ट्रैक पर यह गाटर रखा गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि यह सुनियोजित साजिश थी। असामाजिक तत्वों ने ट्रेन को डिरेल करने के इरादे से यह भारी बाधा लगाई। अगर ट्रेन तेज गति से चल रही होती तो डिरेलमेंट होने की पूरी संभावना थी। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने गाटर को हटाने के लिए कड़ी मशक्कत की। इसके बाद ट्रेन को आगे बढ़ाया गया और यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया गया।
Bihar Train Accident News: लोको पायलट की बहादुरी, यात्रियों में राहत
लोको पायलट की सतर्कता की हर तरफ सराहना हो रही है। ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि ब्रेक लगने से सब डर गए थे, लेकिन रुकने के बाद राहत की सांस ली। कई यात्रियों ने कहा कि अगर पायलट की नजर न पड़ती तो बड़ा हादसा हो जाता। रेलवे कर्मचारियों ने भी लोको पायलट की तारीफ की और कहा कि उनकी सूझबूझ ने जान-माल की रक्षा की। इस घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डीआरएम ने गठित की विशेष जांच टीम, कई टीमें जांच में जुटी
ईस्ट सेंट्रल रेलवे के समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम बनाई है। टीम में रेल इंटेलिजेंस, क्राइम ब्रांच और सेफ्टी विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया। स्टेशन मास्टर, गार्ड, लोको पायलट और लाइनमैन से पूछताछ की गई। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गाटर कहां से लाया गया, किसने रखा और इसका मकसद क्या था।
दरभंगा रेल थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। रेल पुलिस और जीआरपी तफ्तीश में जुटी है। संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। सहायक सुरक्षा आयुक्त भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जांच में सीसीटीवी फुटेज, आसपास के लोगों के बयान और अन्य सबूतों की जांच हो रही है। रेलवे ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे पर बढ़ते हमले, सुरक्षा चिंता का विषय
बिहार में रेल ट्रैक पर बाधा डालने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। हाल के महीनों में कई राज्यों में ऐसी साजिशें नाकाम हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कृत्य आतंकवादी या असामाजिक तत्वों की ओर से हो सकते हैं। रेलवे ने ट्रैक निगरानी बढ़ाने और पेट्रोलिंग तेज करने के निर्देश दिए हैं। लोको पायलटों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
यह घटना रेल यात्रियों के लिए चिंता का विषय बनी है। बिहार में हजारों लोग रोजाना डेमू और मेमू ट्रेनों से सफर करते हैं। ऐसी साजिशें सामान्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। रेल मंत्रालय ने कहा है कि रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और ऐसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा दी जाएगी। इस बीच यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें और रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना दें। लोको पायलट की बहादुरी ने एक बार फिर साबित किया कि रेलवे के कर्मचारी यात्रियों की सुरक्षा के लिए कितने समर्पित हैं।
संक्षेप में, मधुबनी में डेमू ट्रेन को पलटाने की साजिश नाकाम होने से बड़ी राहत मिली है। लेकिन यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है। जांच से उम्मीद है कि दोषी जल्द पकड़े जाएंगे और ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।



