Amit Shah Bihar Visit: बिहार में अमित शाह की एंट्री से पहले सियासी तनाव, राजद विधायक बोले- देश में आग लगाने आ रहे गृहमंत्री
अमित शाह का बिहार दौरा, सीमांचल में सुरक्षा और घुसपैठ पर महामंथन, राजद ने लगाया माहौल बिगाड़ने का आरोप।
Amit Shah Bihar Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय बिहार दौरे से राज्य की राजनीति गरमा गई है। 25 फरवरी से शुरू होने वाले इस दौरे पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गृहमंत्री सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने और सीमांचल में बेवजह विवाद पैदा करने के मकसद से आ रहे हैं। भाई वीरेंद्र ने कहा कि चुनावी समय में ऐसे मुद्दे उठाकर समाज में तनाव फैलाया जाता है। यह दौरा सीमांचल क्षेत्र में सुरक्षा, घुसपैठ और विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहा है।
अमित शाह का दौरा 25 फरवरी को शाम 4 बजे पूर्णिया पहुंचने से शुरू होगा। वहां से हेलीकॉप्टर से किशनगंज जाएंगे, जहां कलेक्ट्रेट में शाम 5 से 7 बजे तक समीक्षा बैठक करेंगे। रात में किशनगंज में ही रुकेंगे। यह दौरा सीमांचल के संवेदनशील इलाकों पर केंद्रित है, जहां भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं।
राजद का तीखा विरोध, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमित शाह का दौरा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ऐसे मुद्दे उठाए जाते हैं, खासकर सीमांचल को लेकर बेवजह बातें की जाती हैं। विपक्ष का मानना है कि केंद्र सरकार सीमांचल में जनसांख्यिकीय बदलाव और घुसपैठ जैसे मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। राजद नेता इसे भाजपा की चुनावी रणनीति बता रहे हैं, जहां सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। महागठबंधन के नेता लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं। भाई वीरेंद्र का यह बयान राजद की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया है, जो दिखाता है कि विपक्ष दौरे को हल्के में नहीं ले रहा।
अमित शाह का कार्यक्रम: सुरक्षा और विकास पर फोकस
गृह मंत्री का पूरा कार्यक्रम सुरक्षा और बॉर्डर मैनेजमेंट पर केंद्रित है। 25 फरवरी को पूर्णिया एयरपोर्ट पहुंचने के बाद किशनगंज में उच्चस्तरीय बैठक होगी। इसमें घुसपैठ, सीमा निगरानी और अन्य सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होगी। 26 फरवरी को वे अररिया के लेट्टी बॉर्डर पोस्ट पर कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहां भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत करेंगे। बॉर्डर इलाकों में घुसपैठ, अवैध गतिविधियां और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा होगी।
उसी दिन वे वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जो सीमावर्ती गांवों में विकास को बढ़ावा देने वाली केंद्र की योजना है। शाम को पूर्णिया लौट आएंगे। 27 फरवरी को पूर्णिया में एक और समीक्षा बैठक होगी, जिसमें सीमांचल के सात जिलों के डीएम और एसपी शामिल होंगे। बैठक में जनसांख्यिकीय बदलाव, अवैध धार्मिक निर्माण और घुसपैठ पर फोकस रहेगा। इसके बाद वे दिल्ली वापस रवाना हो जाएंगे।
प्रशासन ने दौरे के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। सीमावर्ती जिलों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। यह दौरा नक्सल मुक्त भारत पहल के बाद सीमांचल को प्राथमिकता देने का हिस्सा माना जा रहा है।
पहले भी उठ चुका है घुसपैठ का मुद्दा
अमित शाह पहले भी सीमांचल का दौरा कर चुके हैं और अवैध घुसपैठ का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने कहा था कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में घुसपैठ नियंत्रण, अवैध निर्माण हटाने और बॉर्डर सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया है। यह दौरा पहली बार सीमांचल में जनसांख्यिकीय बदलाव, घुसपैठ और अवैध धार्मिक निर्माणों की उच्चस्तरीय समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
सात सीमांचल जिलों किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और सुपौल के अधिकारियों से बैठक होगी। यह क्षेत्र नेपाल और बांग्लादेश सीमा से जुड़ा है, जहां क्रॉस-बॉर्डर मूवमेंट और आंतरिक सुरक्षा के चुनौतियां हैं। केंद्र का फोकस ‘घुसपैठ मुक्त’ सीमांचल बनाने पर है।
राजनीतिक महत्व और प्रभाव
अमित शाह का दौरा पटना नहीं जाएगा, जो NDA के अंदर समन्वय की बात को मजबूत करता है। हालांकि विपक्ष इसे चुनावी तैयारी बता रहा है। बिहार में लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारी चल रही है। यह दौरा भाजपा की सीमांचल में मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति का हिस्सा लगता है।
वाइब्रेंट विलेजेज योजना के तहत सीमावर्ती गांवों में विकास कार्यों की प्रगति भी समीक्षा होगी। यह योजना बॉर्डर इलाकों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने और लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की है।



