Bihar News: बिहार में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान, फुटपाथ, फुट ओवरब्रिज और जेब्रा क्रॉसिंग बनेंगे
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बड़ा फैसला: शहरी-ग्रामीण इलाकों में फुटपाथ, जेब्रा क्रॉसिंग, फुट ओवरब्रिज-एस्केलेटर, ब्लैक स्पॉट पर सीसीटीवी, वाहन चालकों को प्रशिक्षण
Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य के पैदल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार सुबह पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के सातवें संकल्प ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के तहत यह फैसला लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़कों पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से चलने का अधिकार प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विस्तृत पोस्ट शेयर कर परिवहन विभाग को पांच प्रमुख निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में लोगों की आमदनी बढ़ने के साथ ही सड़कों पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानी होती है। सरकार का मानना है कि सड़क पर सुरक्षित चलना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। इसी को ध्यान में रखते हुए शहरी और ग्रामीण इलाकों में व्यापक बदलाव किए जाएंगे।
पैदल यात्रियों के लिए प्रमुख पहलें
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य के शहरी क्षेत्रों में विशेषकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां फुटपाथ का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा। सड़क सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाते हुए ये फुटपाथ बनाए जाएंगे ताकि पैदल यात्री वाहनों से अलग सुरक्षित तरीके से चल सकें। जहां जरूरत होगी, वहां जेब्रा क्रॉसिंग भी बनाई जाएगी। इससे लोग सड़क पार करने में आसानी महसूस करेंगे और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।
इसके अलावा चिह्नित उच्च यातायात वाले स्थानों पर फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। ये सुविधाएं खासकर व्यस्त बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों के आसपास उपलब्ध होंगी। इससे पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए ऊपर या नीचे से सुरक्षित रास्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि इन निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
ब्लैक स्पॉट पर विशेष ध्यान
बिहार में सड़क हादसों की संख्या चिंताजनक है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों में जहां दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं, उन ब्लैक स्पॉट को चिह्नित किया जाए। इन जगहों पर पैदल यात्रियों के लिए अतिरिक्त फुटपाथ बनाए जाएंगे और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे न केवल हादसों की निगरानी होगी बल्कि दोषियों पर तुरंत कार्रवाई भी संभव हो सकेगी। अधिकारियों को इन स्पॉट्स का आकलन कर दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपाय करने को कहा गया है।
वाहन चालकों को प्रशिक्षण अनिवार्य
एक महत्वपूर्ण कदम के तहत सभी सरकारी और निजी वाहन चालकों को पैदल यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। परिवहन विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षण में सड़क नियमों, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने और संवेदनशील ड्राइविंग पर फोकस होगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि जागरूक चालक ही सड़क सुरक्षा की असली कुंजी हैं।
‘सात निश्चय-3’ के तहत व्यापक बदलाव
यह ऐलान ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत आता है, जो 2025-2030 तक लागू रहेगा। नई सरकार गठन के बाद से ही इस कार्यक्रम को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसका सातवां संकल्प आम लोगों के जीवन को आसान बनाने पर केंद्रित है। पैदल यात्रियों की सुरक्षा इसी संकल्प का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में बिहार में शहरीकरण तेज हुआ है, लेकिन पैदल यातायात की सुविधाएं पीछे रह गई थीं। अब सरकार इसे प्राथमिकता दे रही है।
Bihar News: सड़क सुरक्षा की चुनौतियां और उम्मीदें
बिहार में सड़क हादसे एक बड़ी समस्या बनी हुई हैं। पैदल यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं क्योंकि फुटपाथ की कमी, अनियमित पार्किंग और तेज रफ्तार वाहन आम बात है। विशेषज्ञों का कहना है कि फुटपाथ और ओवरब्रिज जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर से हादसों में 30-40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। सीसीटीवी और प्रशिक्षण से अनुशासन भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इन कदमों से पैदल यात्रियों का जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा। परिवहन विभाग को तेज कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही विभिन्न जिलों में कार्ययोजना तैयार की जाएगी और निर्माण कार्य शुरू होंगे।
यह फैसला बिहार के आम नागरिकों के लिए राहत की खबर है। पैदल चलने वाले छात्र, बुजुर्ग, महिलाएं और दिहाड़ी मजदूर अब सड़कों पर ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे। सरकार का यह प्रयास सड़क सुरक्षा को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।



