Bihar News: गया के शुभम कुमार ने JEE Main 2026 में हासिल किया 100 परसेंटाइल, साधारण परिवार से निकलकर छुआ आसमान
बिहार के गया से शुभम कुमार ने JEE Main 2026 सेशन 1 में 100 परसेंटाइल हासिल कर राज्य टॉप किया, राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान, 12 टॉपर्स में एकमात्र बिहारी
Bihar News: बिहार के गया जिले से एक और प्रतिभा ने देश स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। शुभम कुमार ने JEE Main 2026 के पहले सत्र में 100 परसेंटाइल स्कोर हासिल कर बिहार में टॉप किया और राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 16 फरवरी को घोषित परिणामों में कुल 12 अभ्यर्थियों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया, जिसमें शुभम बिहार के एकमात्र टॉपर हैं। यह उपलब्धि पिछले दो वर्षों में बिहार के छात्रों के लिए पहली बार 100 परसेंटाइल है, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था में नई उम्मीद जगाती है।
परिणाम की घोषणा और शुभम का प्रदर्शन
JEE Main 2026 सेशन 1 (जनवरी सत्र) का परीक्षा परिणाम NTA ने आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जारी किया। परीक्षा 21 से 29 जनवरी तक विभिन्न शिफ्टों में आयोजित हुई थी। कुल 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए, जिसमें से 12 ने पूर्ण 100 परसेंटाइल प्राप्त किया। इनमें राजस्थान से सबसे अधिक तीन टॉपर्स हैं, जबकि बिहार से शुभम कुमार ने राज्य का नाम रोशन किया।
शुभम ने फिजिक्स और मैथेमेटिक्स में 100-100 अंक प्राप्त किए, जबकि केमिस्ट्री में 95 अंक हासिल किए। बिहार से लगभग 60 हजार छात्रों ने परीक्षा दी, और शुभम का प्रदर्शन सभी को प्रभावित कर रहा है। सभी 12 टॉपर्स लड़के हैं और इनमें से 11 जनरल कैटेगरी से हैं। शुभम ने कहा, “मैं अपने पहले अटेम्प्ट के स्कोर से काफी खुश हूं, लेकिन अप्रैल में होने वाले दूसरे राउंड में फिर कोशिश करूंगा। मैं पूरी लगन के साथ तैयारी कर रहा हूं।”
शुभम की पृष्ठभूमि और परिवार
शुभम कुमार गया के नादरागंज इलाके के निवासी हैं। वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं, जहां उनके पिता शिव कुमार हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं और मां कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम ने अपनी शुरुआती शिक्षा गया के नजरथ एकेडमी स्कूल से 10वीं और ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल से 12वीं पूरी की।
उनकी बड़ी बहन प्रिया कुमारी भी JEE में 5000 रैंक हासिल कर IIT पटना में कंप्यूटर साइंस की पहली वर्ष की छात्रा हैं। शुभम ने बताया कि बहन से उन्हें तैयारी में कुछ मदद मिलती है। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद शुभम ने कड़ी मेहनत से सफलता पाई। उन्होंने कहा, “मैंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से यह हासिल किया है।”
तैयारी की कहानी “ऑनलाइन से ऑफलाइन कोचिंग तक”
शुभम की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। उन्होंने शुरुआत में ऑनलाइन क्लासेस से तैयारी शुरू की। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्कॉलरशिप मिली, जिससे वे राजस्थान के कोटा में एक प्रतिष्ठित संस्थान में ऑफलाइन कोचिंग जॉइन कर सके। पिछले एक वर्ष से वे कोटा में रहकर JEE की तैयारी कर रहे हैं।
शुभम बोर्ड परीक्षा और कॉम्पिटिटिव एग्जाम दोनों पर फोकस करते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे अब इसकी आदत हो गई है। मैं सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं।” उनका लक्ष्य IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई करना है। स्कोर के आधार पर वे ब्रांच और संस्थान तय करेंगे, लेकिन फिलहाल JEE एडवांस्ड और बोर्ड परीक्षा पर ध्यान है।
बिहार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
बिहार के छात्रों के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। पिछले दो सालों में कोई भी बिहारी छात्र 100 परसेंटाइल नहीं हासिल कर पाया था। शुभम की सफलता राज्य में शिक्षा और कोचिंग कल्चर को बढ़ावा देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे टॉपर्स ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
शुभम की कहानी साबित करती है कि आर्थिक चुनौतियां सफलता में बाधा नहीं बनतीं। स्कॉलरशिप और मेहनत से बड़े सपने पूरे हो सकते हैं। बिहार सरकार और शिक्षा विभाग भी ऐसे छात्रों को प्रोत्साहन दे रही है, ताकि अधिक से अधिक युवा IIT जैसे संस्थानों तक पहुंच सकें।
Bihar News: आगे की राह और प्रेरणा
शुभम दूसरे सत्र में भी शामिल होंगे, जहां वे अपना स्कोर और बेहतर करने की कोशिश करेंगे। अंतिम रैंक JEE Main के दोनों सत्रों के सर्वश्रेष्ठ स्कोर पर आधारित होगी। JEE एडवांस्ड के लिए योग्यता हासिल करने के बाद वे IIT में दाखिला लेंगे।
उनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा है। शुभम ने कहा, “मैं सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ देता हूं।” यह संदेश हर छात्र के लिए है कि कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। बिहार के युवा अब और अधिक उत्साहित हैं, और ऐसे टॉपर्स राज्य की छवि को नई ऊंचाई दे रहे हैं।



