Bihar Government Yojana: बिहार में 'गड्ढा बताओ, 5000 पाओ' योजना, नीतीश सरकार की नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी से सड़कें होंगी गड्ढा मुक्त, 72 घंटे में मरम्मत
सड़क पर गड्ढा देखकर फोटो भेजें और 5000 रुपये कमाएं। 15 फरवरी से लागू, 72 घंटे में मरम्मत, रोड एम्बुलेंस सुविधा।
Bihar Government Yojana: बिहार सरकार ने राज्य की सड़कों की खराब हालत को खत्म करने के लिए एक अनोखी और सख्त योजना की घोषणा की है। नीतीश कुमार सरकार की नई ‘रोड मेंटेनेंस पॉलिसी’ के तहत अब लोग सड़क पर गड्ढा देखकर उसकी जानकारी देकर 5000 रुपये का इनाम पा सकेंगे। योजना का नाम ‘गड्ढा बताओ, 5000 पाओ’ रखा गया है। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसकी जानकारी दी है।
योजना कब से शुरू होगी
यह योजना 15 फरवरी 2026 से पूरे बिहार में लागू हो जाएगी। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि विभाग को रोजाना सड़कों की खराब स्थिति की शिकायतें मिलती हैं। इन शिकायतों को जल्दी ठीक करने और सड़कों को बेहतर बनाने के लिए जनता को ही इस काम में शामिल करने का फैसला लिया गया है। सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य की हर सड़क पर गड्ढे खत्म हो जाएंगे।
कैसे मिलेगा 5000 रुपये का इनाम
योजना के तहत कोई भी व्यक्ति सड़क पर गड्ढे की फोटो या जानकारी विभाग को भेज सकता है। जानकारी मिलने के बाद विभाग इसे जांचेगा। अगर शिकायत सही पाई गई तो व्यक्ति को 5000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। खास बात यह है कि शिकायत मिलने के सिर्फ 72 घंटे के अंदर गड्ढे की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा।
रोड एम्बुलेंस से तुरंत मरम्मत
सड़कों की तेजी से मरम्मत के लिए ‘रोड एम्बुलेंस’ की व्यवस्था की जाएगी। शिकायत मिलते ही ये एम्बुलेंस मौके पर पहुंचेंगी और पैच वर्क करके गड्ढा भर देंगी। हेल्पलाइन नंबर प्रमुख चौराहों, सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। इससे लोग आसानी से शिकायत कर सकेंगे।
योजना का मुख्य उद्देश्य
बिहार में सड़कों पर गड्ढे लंबे समय से बड़ी समस्या बने हुए हैं। खासकर बारिश के मौसम में ये गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं। नीतीश सरकार की यह योजना सड़कों की तुरंत मरम्मत सुनिश्चित करेगी। जनता की भागीदारी से विभाग और ठेकेदारों पर जवाबदेही बढ़ेगी। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली योजना होगी।
Bihar Government Yojana: अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
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योजना मुख्य सड़कों और पथ निर्माण विभाग की सड़कों पर लागू होगी।
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शिकायत ऐप, हेल्पलाइन या अन्य आधिकारिक तरीकों से की जा सकेगी।
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मरम्मत में देरी होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
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यह योजना ‘डेवलप बिहार’ के लक्ष्य का हिस्सा है।
बिहार के लोग इस योजना से काफी उम्मीद कर रहे हैं। अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया तो राज्य की सड़कें सुरक्षित और अच्छी हो सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। आधिकारिक विवरण के लिए पथ निर्माण विभाग की वेबसाइट या कार्यालय से संपर्क करें।



