Bihar Politics: बिहार विधानसभा में महिला सुरक्षा को लेकर हंगामा, विपक्ष ने किया वॉकआउट
महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर तीखी बहस, विपक्ष का वॉकआउट। कांग्रेस का पुतला प्रदर्शन, नीतीश-राबड़ी नोकझोंक की गूंज।
Bihar Politics: बिहार विधानसभा में महिला अपराध और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर मंगलवार को फिर से तीखी बहस छिड़ गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर तत्काल विस्तृत चर्चा की मांग की। सरकार की ओर से इस मांग को शून्यकाल में उठाने का सुझाव दिए जाने पर विपक्ष भड़क उठा। सदन में नारेबाजी और हंगामा बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ गई और विपक्ष ने आक्रोश में सदन से वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष का तीखा विरोध और स्पीकर का जवाब
कार्यवाही की शुरुआत में ही राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायक वेल में उतर आए। उन्होंने राज्य में लगातार हो रही महिला अपराध की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। नीट छात्रा मामले और दरभंगा में हुई नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या जैसी घटनाओं पर गंभीर कार्रवाई की मांग की गई। विपक्ष का कहना था कि सरकार इन मामलों को हल्के में ले रही है और अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है।
स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मुद्दे शून्यकाल में उठाए जा सकते हैं। शून्यकाल में सदस्य अपने मुद्दे संक्षेप में रख सकते हैं, लेकिन विस्तृत चर्चा के लिए अलग प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। विपक्ष इस बात से सहमत नहीं हुआ और हंगामा बढ़ता चला गया।
मंत्री विजय चौधरी का बयान और विपक्ष की नाराजगी
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने सदन में कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और अपराध से जुड़े हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अपराध की हर घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्री के इस बयान के बाद कुछ समय के लिए विपक्षी विधायक अपनी-अपनी सीटों पर लौट आए। लेकिन स्थिति जल्द ही फिर बिगड़ गई। विपक्ष ने कहा कि सरकार सिर्फ बयानबाजी कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि नीट छात्रा मामले और दरभंगा रेप-मर्डर जैसी घटनाओं पर गंभीर कार्रवाई के बजाय लीपापोती की जा रही है।
वाम विधायक संदीप सौरभ का आरोप
वाम दल के विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि सदन के भीतर और बाहर जो कुछ हो रहा है, वह राज्य में बढ़ती असंवेदनशीलता को दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं लेकिन बाद में कार्रवाई की रफ्तार सुस्त पड़ जाती है। उनका कहना था कि सरकार के दावे हकीकत में कमजोर साबित हो रहे हैं।
वॉकआउट और सदन के बाहर तीखे बयान
विपक्ष ने सरकार पर संवेदनशील मुद्दों को टालने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन के बाहर राजद और अन्य विपक्षी नेताओं ने प्रेस से बातचीत में कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था पर पूरी तरह विफल हो चुकी है। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और अपराधियों का हौसला बढ़ता जा रहा है। विपक्ष ने मांग की कि तत्काल विशेष चर्चा हो और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सत्तापक्ष ने इन आरोपों को राजनीतिक स्टंट करार दिया। सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि सरकार अपराध पर लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई हो रही है। सत्तापक्ष ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे उठा रहे हैं।
Bihar Politics: सियासी घमासान और आगे की स्थिति
बजट सत्र में यह हंगामा और बहिष्कार सियासी घमासान को और बढ़ा रहा है। विपक्ष कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए है। सत्तापक्ष जवाब में अपनी उपलब्धियां और कार्रवाई का हवाला दे रहा है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
सदन में महिला अपराध और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर यह हंगामा सत्र के छठे दिन भी जारी रहा। विपक्ष के वॉकआउट के बाद सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच यह विवाद कैसे सुलझता है और आगे क्या होता है।



