Bihar News: भागलपुर में ड्रोन से खेती को मिली नई रफ्तार, 6 मिनट में 1 एकड़ का छिड़काव, बिहार सरकार दे रही 50% सब्सिडी
ड्रोन से छिड़काव में 90% पानी और समय की बचत, बिहार सरकार दे रही 50% सब्सिडी। भागलपुर में 2400 एकड़ लक्ष्य, अब तक 600 पूरा।
Bihar News: बिहार के किसान अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। जिले में ड्रोन से खाद और कीटनाशक का छिड़काव अब आम बात हो गई है। रबी सीजन में अब तक करीब 600 एकड़ भूमि में ड्रोन के जरिए सफलतापूर्वक छिड़काव किया जा चुका है। कृषि विभाग ने इस साल जिले में कुल 2400 एकड़ में ड्रोन से छिड़काव का लक्ष्य रखा है।
ड्रोन तकनीक से किसानों को समय, श्रम और पानी तीनों की बड़ी बचत हो रही है। जहां पारंपरिक स्प्रे मशीन से एक एकड़ में छिड़काव करने में 5 से 6 घंटे लगते थे, वहीं ड्रोन से यह काम महज 6 से 12 मिनट में पूरा हो जाता है। पानी की खपत भी बहुत कम हो रही है। सामान्य मशीन से जहां प्रति एकड़ 100 लीटर पानी लगता था, वहीं ड्रोन से सिर्फ 10 लीटर पानी में काम हो जाता है।
सरकार की 50% सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया
बिहार सरकार ने ड्रोन से छिड़काव को बढ़ावा देने के लिए 50% तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक सुजीत कुमार पाल ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव की निर्धारित दर 419 रुपये प्रति एकड़ है। इसमें से 50% अनुदान मिलने के बाद किसानों को सिर्फ 209 रुपये प्रति एकड़ देने होंगे। एक किसान अधिकतम 15 एकड़ तक इस सब्सिडी का लाभ ले सकता है। 15 एकड़ से ज्यादा रकबे पर पूरा किराया देना होगा।
किसानों को डीबीटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। रैयत किसानों को भूमि रसीद अपलोड करनी होती है। गैर-रैयत किसानों को स्वघोषणा पत्र भरकर अपलोड करना होता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसान अपनी सुविधा अनुसार ड्रोन बुक कर छिड़काव करा सकते हैं।
ड्रोन के फायदे किसानों के लिए
किसानों और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन से छिड़काव के कई बड़े फायदे हैं:
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समय की बचत: 6 मिनट में 1 एकड़ पूरा छिड़काव
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श्रम की बचत: कोई मजदूर या बैल की जरूरत नहीं
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पानी की बचत: 90% तक पानी कम लगता है
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सटीक छिड़काव: दवा या खाद सही जगह पर पड़ती है
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स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित: किसान दवा के संपर्क में नहीं आते
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पर्यावरण के अनुकूल: कम पानी और दवा का इस्तेमाल
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फसल की सुरक्षा: ऊंचाई से छिड़काव होने से फसल को नुकसान नहीं
भागलपुर में कई किसान अब ड्रोन को किराए पर लेकर बड़े खेतों में छिड़काव करा रहे हैं। इससे न सिर्फ खर्च कम हो रहा है, बल्कि फसल की पैदावार में भी सुधार देखा जा रहा है।
Bihar News: लक्ष्य और प्रगति
इस साल भागलपुर जिले में 2400 एकड़ में ड्रोन से छिड़काव का लक्ष्य है। अब तक 600 एकड़ पूरा हो चुका है। कृषि विभाग का कहना है कि रबी सीजन में लक्ष्य पूरा करने के लिए लगातार शिविर और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। किसानों से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द आवेदन करें।
ड्रोन तकनीक बिहार में धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है। सरकार की सब्सिडी और आसान आवेदन प्रक्रिया से किसानों का भरोसा बढ़ा है। भागलपुर में यह तकनीक अब छोटे-बड़े किसानों के बीच पहुंच चुकी है।
किसान कहते हैं कि ड्रोन से छिड़काव ने उनकी खेती को आसान और फायदेमंद बना दिया है। आने वाले समय में यह तकनीक पूरे बिहार में फैलने की उम्मीद है।



