Bihar Politics: पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत, IGIMS से PMCH फिर IGIC में भर्ती, कोर्ट पेशी पर टिकी सभी निगाहें
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ी; IGIMS से PMCH, अब IGIC में भर्ती, कोर्ट पेशी पर टिकी निगाहें
Bihar Politics: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की 32 साल पुराने एक मामले में हुई गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। गिरफ्तारी के बाद सांसद की तबीयत बिगड़ने से मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने उन्हें पहले IGIMS में भर्ती कराया, जहां से सुबह PMCH शिफ्ट किया गया। अभी कुछ देर पहले उन्हें IGIC (इंदिरा गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट) में रेफर कर दिया गया है। सांसद के समर्थक और परिवार वाले इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि जरूरी मेडिकल मदद दी जा रही है।
आज शनिवार को पटना की अदालत में पप्पू यादव की पेशी होगी। उनकी कानूनी टीम जमानत के लिए अर्जी दाखिर करने की तैयारी में है। अगर अदालत राहत देती है तो सांसद को रिहाई मिल सकती है। अन्यथा उन्हें जेल भेजा जा सकता है। उनकी खराब तबीयत को देखते हुए अस्पताल के कैदी वार्ड में रखने का विकल्प भी खुला है।
गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
पप्पू यादव को शुक्रवार रात पटना स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई 1995 के एक पुराने मामले में हुई, जिसमें वे पहले जमानत पर थे। सांसद ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय कई पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे। उन्होंने गिरफ्तारी का विरोध किया और अपनी खराब तबीयत का हवाला दिया।
पुलिस ने उन्हें तुरंत IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) ले जाकर भर्ती कराया। सांसद के फेसबुक पेज और उनके निजी सचिव ने दावा किया कि IGIMS में उन्हें पूरी रात बेड नहीं मिला और स्ट्रेचर पर रखा गया। इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए गए। सुबह उन्हें PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) शिफ्ट किया गया। कुछ देर पहले IGIC में रेफर कर दिया गया है।
सांसद के वकील का दावा
पप्पू यादव के अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने पुलिस की कार्रवाई को कानूनी रूप से गलत बताया। उनका कहना है:
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1995 के मामले में सांसद पहले ही जमानत पर थे।
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बेल टूटने के बाद पुलिस ने नोटिस जानबूझकर दबाए।
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धारा 82 की प्रक्रिया पूरी किए बिना सीधे धारा 83 के तहत कुर्की और गिरफ्तारी की गई।
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यह कानून के खिलाफ है।
वकील ने कहा कि कोर्ट में सारी तथ्य रखे जाएंगे और जमानत की मांग की जाएगी।
सांसद के समर्थकों का आरोप
पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सांसद नीट छात्रा मामले में आवाज उठाने की वजह से निशाना बनाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि उनके साथ साजिशन व्यवहार किया जा रहा है। कुछ पोस्ट में यहां तक कहा गया कि उनकी जान को खतरा हो सकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
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विपक्ष: गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। कई नेता सवाल उठा रहे हैं कि 32 साल पुराने मामले में अब अचानक कार्रवाई क्यों?
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सत्ता पक्ष: पुलिस का कहना है कि अदालत के आदेश पर कार्रवाई की गई। कानून सबके लिए बराबर है।
पटना में क्या हालात?
गिरफ्तारी के बाद सांसद के समर्थकों में रोष है। कई जगहों पर छोटे-मोटे प्रदर्शन हुए। सुरक्षा के मद्देनजर पटना में पुलिस बल तैनात किया गया है। आज कोर्ट में पेशी के दौरान हंगामा होने की आशंका है।
क्या है पुराना मामला?
1995 का मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। उस समय पप्पू यादव पर कुछ आरोप लगे थे। वे लंबे समय से जमानत पर थे। अब बेल टूटने के बाद गिरफ्तारी हुई।
Bihar Politics: आगे क्या होगा?
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आज पटना कोर्ट में पेशी।
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जमानत मिलने या न मिलने पर फैसला।
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तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में ही रखे जाने की संभावना।
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राजनीतिक दलों की तरफ से बयानबाजी जारी रहेगी।
यह मामला अब कानून से ज्यादा राजनीति का केंद्र बन चुका है। सांसद की तबीयत और कोर्ट का फैसला दोनों ही बिहार की सियासत पर असर डालेंगे।



