Bihar News: पुलिसिया कार्रवाई का खौफ, हरिनगर गांव से ब्राह्मण समाज के पुरुषों का पलायन, पसरा सन्नाटा
कुशेश्वरस्थान में मारपीट मामले में 70 नामजद, 150 अज्ञात पर एफआईआर; गिरफ्तारी के डर से पुरुष फरार, गांव में सिर्फ महिलाएं-बच्चे
Bihar News: बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में एक विवाद ने पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया है। 31 जनवरी 2026 को दो पक्षों के बीच हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई से ब्राह्मण समाज में भय का माहौल बन गया है। पुलिस ने इस मामले में 70 नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें हरिजन एक्ट, पोक्सो एक्ट, लूटपाट और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
इस प्राथमिकी के बाद गांव के ब्राह्मण समाज के ज्यादातर पुरुष गिरफ्तारी के डर से गांव छोड़कर फरार हो गए हैं। गांव की गलियां सूनी पड़ी हैं। दुकानें बंद हैं। रोजमर्रा का सामान खरीदना मुश्किल हो गया है। गांव में सिर्फ महिलाएं और छोटे बच्चे रह गए हैं, जो डर के साए में दिन काट रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण
31 जनवरी को हरिनगर गांव में दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। इस झगड़े में मारपीट हुई और कुछ तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं। एक पक्ष ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर कांड संख्या 22/26 दर्ज किया। इस एफआईआर में ब्राह्मण समाज के 70 लोगों के नाम शामिल हैं। साथ ही 150 अज्ञात लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बाकी नामजद लोगों की तलाश में पुलिस की गाड़ियां दिन में एक-दो बार गांव में चक्कर लगा रही हैं। इसी वजह से बाकी पुरुष गांव छोड़कर चले गए हैं।
गांव में सन्नाटा और आर्थिक प्रभाव
हरिनगर गांव मुख्य रूप से ब्राह्मण समाज के लोगों का बस्ती है। यहां के ज्यादातर लोग खेती-बाड़ी पर निर्भर हैं। इस समय गेहूं और मक्का की फसल में पटवन और खाद डालने का मौसम है। लेकिन पुरुषों के फरार होने से खेती का काम ठप पड़ गया है। फसलों में खाद और पानी नहीं मिल पा रहा है। पौधे पीले पड़ने लगे हैं। इससे किसानों को बड़ा नुकसान होने की आशंका है।
गांव के लोग बताते हैं कि पुलिस ने उन लोगों को भी नामजद किया है जो गांव से बाहर अलग-अलग राज्यों में नौकरी या मजदूरी करते हैं। यहां तक कि शहरों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के नाम भी एफआईआर में शामिल हैं। इससे निर्दोष लोगों में भी डर फैल गया है।
ग्रामीणों की मांग
गांव के कुछ लोगों ने मोबाइल पर बातचीत में बताया कि पुलिस को गहन जांच करनी चाहिए। निर्दोष लोगों के नाम एफआईआर से हटाए जाएं। विद्यानंद झा, छतेश्वर झा और लक्ष्मण झा जैसे ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की एकतरफा कार्रवाई से समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। वे चाहते हैं कि दोनों पक्षों की पूरी जांच हो और सही दोषियों पर ही कार्रवाई हो।
पुलिस का पक्ष
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि प्राथमिकी शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर दर्ज की गई है। जांच अभी चल रही है। गांव में शांति बनाए रखने और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
Bihar News: गांव की मौजूदा स्थिति
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ब्राह्मण समाज के मोहल्ले में सन्नाटा पसरा है।
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सड़कें सूनी हैं।
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दुकानें बंद हैं, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों में दिक्कत हो रही है।
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महिलाएं और बच्चे भय के माहौल में रह रहे हैं।
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खेती का काम रुका हुआ है, फसलें प्रभावित हो रही हैं।
यह घटना स्थानीय स्तर पर तनाव का कारण बन गया है। ब्राह्मण समाज में पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताया जा रहा है। वहीं पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। अब देखना होगा कि जांच के नतीजे क्या सामने आते हैं और गांव में सामान्य स्थिति कब बहाल होती है।



