Shambhu Hostel Case: नीट छात्रा मौत मामले पर विपक्ष का भारी हंगामा, सरकार पर उठाये सवाल
बिहार बजट सत्र में नीट छात्रा संदिग्ध मौत पर विपक्ष का भारी हंगामा, सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप
Shambhu Hostel Case: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले पर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जोरदार हंगामा किया। राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायकों ने सदन के बाहर और पोर्टिको में पोस्टर लहराते हुए नारेबाजी की। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और जांच में लापरवाही का आरोप लगाया।
यह मामला पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है। जहानाबाद जिले की 17-18 वर्षीय नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा 6 जनवरी को अपने हॉस्टल कमरे में बेहोश मिली थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में उसके कपड़ों पर स्पर्म मिला और यौन उत्पीड़न के संकेत पाए गए। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था, लेकिन बाद में रेप और हत्या की आशंका जताई गई।
सदन में क्या हुआ?
विधानसभा के बाहर और अंदर करीब 25 विपक्षी विधायकों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर अपराध नियंत्रण में नाकामी और दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। विपक्ष ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच हो तथा जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
भाकपा माले के एक विधायक ने कार्यस्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे खारिज कर दिया। स्पीकर ने कहा कि मामला जांच के अधीन है, इसलिए इस पर बहस नहीं हो सकती। विपक्ष ने कहा कि सरकार मामले को हल्के में ले रही है और जांच एजेंसियों के गठन के बावजूद सच्चाई सामने नहीं आ रही।
सरकार की ओर से क्या कदम?
बिहार सरकार ने पहले विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई थी। बाद में मामले की गंभीरता देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के लिए यह कदम उठाया गया है।
इसके अलावा सरकार ने सभी गर्ल्स हॉस्टलों की जांच का आदेश दिया है। डीजीपी को निर्देश दिए गए हैं कि निजी और सरकारी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच हो। कई पुलिस अधिकारियों पर लापरवाही के लिए कार्रवाई भी हुई है।
जांच में क्या सवाल उठे?
मामले में सीसीटीवी फुटेज को लेकर कई सवाल हैं। पुलिस की टाइमलाइन और फुटेज में अंतर दिख रहा है। कुछ घंटों का फुटेज गायब बताया जा रहा है। छात्रा को बेहोश हालत में गोद में लेकर ले जाते हुए एक शख्स का फुटेज सामने आया है। परिवार और विपक्ष का आरोप है कि सबूतों से छेड़छाड़ हो रही है।
पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच पर भी संदेह जताया है और पटना हाईकोर्ट से निगरानी की मांग की, लेकिन हाईकोर्ट ने फिलहाल दखल देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं होंगे तो फिर दरवाजा खुला है।
Shambhu Hostel Case: राजनीतिक गहमागहमी
यह मामला बिहार की राजनीति में गरमा गया है। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बता रहा है। राजद, कांग्रेस और वाम दल लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सदन के बाहर और दिल्ली में भी विरोध हुआ। विपक्ष का कहना है कि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है और सरकार चुप्पी साधे हुए है।
दूसरी ओर सरकार का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो रही है। सीबीआई को सौंपने से सच्चाई सामने आएगी। साथ ही हॉस्टलों की सुरक्षा बढ़ाने के कदम उठाए जा रहे हैं।
यह घटना छात्राओं की सुरक्षा, निजी हॉस्टलों की व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। पूरे राज्य में आक्रोश है और न्याय की मांग तेज हो गई है। जांच एजेंसियां अब सीबीआई के जरिए आगे बढ़ रही हैं। उम्मीद है कि जल्द सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।



