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Bihar Budget 2026: 3.80 लाख करोड़ का अनुमान, विकास-रोजगार-आय पर फोकस, पिछले बजट से 19% अधिक

बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट, 3.80 लाख करोड़ का अनुमान, पिछले बजट से 19% अधिक, विकास-रोजगार-आय पर फोकस

Bihar Budget 2026: बिहार का आगामी वित्त वर्ष 2026-27 का बजट अब तक का सबसे बड़ा होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बजट का आकार 3.80 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान है। यह पिछले बजट से लगभग 19 प्रतिशत अधिक होगा। यह बजट विकास, रोजगार सृजन और प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर केंद्रित होगा। पूरा बजट सात निश्चय-3 के एजेंडे पर आधारित होगा।

बजट का आकार और तुलना

वित्त वर्ष 2025-26 का मूल बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये का था। उसके बाद दो अनुपूरक अनुदान कुल 1.49 लाख करोड़ रुपये के स्वीकृत हुए। अब तीसरा अनुपूरक अनुदान भी प्रस्तावित है। 3.80 लाख करोड़ का नया बजट बिहार की अर्थव्यवस्था की तेज प्रगति और विकासवादी नीति को जारी रखने का संकेत देगा।

यह बजट पिछले 20 वर्षों में बिहार के बजट आकार को 13 गुना से अधिक बढ़ाने की कड़ी का हिस्सा होगा। वर्ष 2005-06 में बजट सिर्फ 26 हजार करोड़ था, जो अब लाखों करोड़ में पहुंच गया है।

बजट के तीन मुख्य आयाम

  1. विकास – मानवीय और सामाजिक क्षेत्र में मजबूत आवंटन

    • शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, सड़क, हवाईअड्डा, सिंचाई, बाढ़ प्रबंधन

    • शहरी विकास, सहरकारिता, कोल्ड स्टोरेज, खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग

    • कृषि में तकनीक और संचार सुविधाओं पर फोकस

  2. रोजगार सृजन – अगले 5 वर्ष में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का वादा

    • इस बजट में लगभग 2 लाख नौकरियों के लिए प्रावधान की संभावना

    • मुख्यमंत्री महिला स्वरोजगार योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की मदद

  3. प्रति व्यक्ति आय – 2025-2030 के बीच प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने का लक्ष्य

    • अर्थव्यवस्था को प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की उच्च वृद्धि दर चाहिए

    • इसके लिए नई घोषणाएं और अतिरिक्त संसाधन जुटाने की योजना

Bihar Budget 2026: वित्तीय स्थिति और चुनौतियां

बिहार की अर्थव्यवस्था ने अच्छी प्रगति की है, लेकिन विकसित राज्यों की श्रेणी में आने के लिए तेज वृद्धि जरूरी है। राज्य का राजस्व 25 प्रतिशत ही अपने स्रोतों से आता है। बाकी केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और अनुदान पर निर्भर है। जीएसटी से आय स्थिर होने के करीब पहुंच गई है।

सरकार केंद्र से जीएसडीपी के 5 प्रतिशत तक ऋण की अनुमति मांग रही है। अभी यह सीमा अधिकतम 3 प्रतिशत है। अगर केंद्र से अनुमति मिली तो राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखना चुनौती होगी।

राजस्व बढ़ाने के लिए:

  • जमीन के सर्किल रेट में वृद्धि

  • बालू उत्खनन के नए पट्टे

  • बिजली दर में प्रति यूनिट 25 से 50 पैसे की बढ़ोतरी

बजट 2 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश होगा। इसमें सात निश्चय-3 के तहत कई बड़ी योजनाओं का ऐलान और आवंटन होगा। यह बजट बिहार की अर्थव्यवस्था और राजनीति की दिशा तय करने वाला होगा।

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