Bihar Politics: तेजस्वी यादव बने RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा- 'चेहरा बदला, चरित्र वही... जंगलराज लौटेगा'
आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में फैसला, तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, मंत्री दीपक प्रकाश ने 'जंगलराज लौटेगा' कहा
Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने रविवार को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बड़ा फैसला लिया। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। यह फैसला लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी में पटना के होटल मौर्या में हुई बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। तेजस्वी की इस नियुक्ति को पार्टी ने ‘नए युग का शुभारंभ’ करार दिया है, लेकिन एनडीए खेमे से तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं।
बैठक और नियुक्ति का विवरण
RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 25 जनवरी 2026 को पटना में हुई। बैठक में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, रोहिणी आचार्य सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बैठक में संगठनात्मक बदलाव पर चर्चा हुई और तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया।
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला पार्टी को नई दिशा देने और युवा नेतृत्व को मजबूत करने के लिए लिया गया है। तेजस्वी यादव अब पार्टी की राष्ट्रीय नीतियां बनाने, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभाएंगे। लालू प्रसाद यादव ने इसे ‘पार्टी की नई पीढ़ी को सौंपने’ का संकेत बताया।
एनडीए नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव की नियुक्ति के तुरंत बाद एनडीए खेमे से तीखे हमले शुरू हो गए। बिहार सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता दीपक प्रकाश ने सबसे पहले निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“तेजस्वी यादव राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बन गए हैं। चेहरा बदल गया है, लेकिन पार्टी का चाल-चरित्र वही पुराना है। 1990 से 2005 तक राजद के शासन में जो जंगलराज था, वही अब फिर लौटने वाला है।”
दीपक प्रकाश ने कहा कि राजद का व्यवहार और चरित्र कभी नहीं बदलेगा। उन्होंने ‘जंगलराज’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए 90 के दशक की याद दिलाई, जब लालू-राबड़ी सरकार पर अपराध, भ्रष्टाचार और अराजकता के आरोप लगे थे।
गिरिराज सिंह ने कहा- वंशवादी राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरा
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी तेजस्वी की नियुक्ति को वंशवादी राजनीति करार दिया। गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने कहा,
“आज गणतंत्र दिवस है। भारत के लोकतंत्र के लिए वंशवादी राजनीतिक पार्टियों से सबसे बड़ा खतरा है। चाहे लालू यादव की पार्टी हो, मुलायम सिंह यादव की पार्टी हो या राहुल गांधी की पार्टी हो – यह वंशवादी राजनीति हमारे लोकतंत्र को कैंसर की तरह खा रही है।”
गिरिराज सिंह ने कहा कि तेजस्वी को अध्यक्ष बनाना सिर्फ परिवारवाद को बढ़ावा देना है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी में कोई और योग्य नेता नहीं था?
RJD की प्रतिक्रिया और पृष्ठभूमि
RJD नेताओं ने एनडीए के हमलों को खारिज कर दिया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी यादव युवा चेहरा हैं और पार्टी को नई ऊर्जा देंगे। यह फैसला नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की हार के बाद लिया गया है। उस चुनाव में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे, लेकिन एनडीए को भारी जीत मिली।
पार्टी का कहना है कि तेजस्वी की नियुक्ति से संगठन मजबूत होगा और 2029 के चुनावों में पार्टी वापसी करेगी।
Bihar Politics: राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति RJD के लिए रणनीतिक कदम है। इससे युवा वोटरों को जोड़ा जा सकेगा। लेकिन एनडीए ‘जंगलराज’ और ‘वंशवाद’ के नारे को फिर से उछाल रहा है। यह बहस बिहार की राजनीति में लंबे समय तक चल सकती है।
तेजस्वी यादव की नई जिम्मेदारी से RJD में युवा नेतृत्व को मजबूती मिलेगी, लेकिन एनडीए इसे परिवारवाद के खिलाफ हथियार बनाएगा।



