तेजस्वी यादव बन सकते हैं RJD के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष, 25 जनवरी को बैठक में फैसला संभव
आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 25 जनवरी को पटना में, तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव संभावित
Bihar Politics, पटना: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को जल्द ही पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इस फैसले पर अंतिम मुहर 25 जनवरी 2026 को पटना में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लग सकती है। यह खबर पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में जोरों पर चर्चा का विषय बन गई है।
Bihar Politics: बैठक का समय और स्थान

आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी 2026 को पटना के होटल मौर्या में सुबह 11:30 बजे शुरू होगी। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव मौजूद रहेंगे। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अगर प्रस्ताव पास हुआ तो तेजस्वी यादव पार्टी की कमान संभालने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाएंगे।
पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि यह फैसला भविष्य की राजनीति को देखते हुए लिया जा रहा है। तेजस्वी यादव पहले से ही बिहार में पार्टी के सबसे सक्रिय और लोकप्रिय चेहरा हैं। उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पार्टी की जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर डाली जा सकती है।
तेजस्वी यादव की राजनीतिक भूमिका
तेजस्वी यादव 2015 से ही बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। वे 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे। हालांकि एनडीए को भारी जीत मिली और आरजेडी विपक्ष में चली गई। चुनाव के बाद तेजस्वी यादव को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। वे लगातार सरकार पर हमला बोलते रहे हैं और युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है।
पिछले कुछ सालों में तेजस्वी यादव ने पार्टी की कमान संभालने की तैयारी की है। कई बार लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी का चेहरा बताया है। अब कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से वे पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां बनाने और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी ले सकेंगे।
परिवार में हाल के घटनाक्रम
आरजेडी में तेजस्वी यादव की बढ़ती भूमिका के बीच परिवार में कुछ तनाव भी देखने को मिला है। चुनाव से पहले लालू प्रसाद यादव ने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी से निकाल दिया था। तेज प्रताप ने अपनी अलग पार्टी बनाई और चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर अपने भाई तेजस्वी पर तीखे हमले किए। रोहिणी ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और तेजस्वी की भूमिका पर भी निशाना साधा। हालांकि बाद में परिवार ने एकजुट होने की कोशिश की, लेकिन यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बना रहा।
सुरक्षा में कटौती और विवाद
हाल ही में तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती की गई थी। बिहार सरकार ने बड़े नेताओं की सुरक्षा कैटेगरी की समीक्षा की। इस समीक्षा में तेजस्वी यादव की सुरक्षा कम की गई, जबकि कुछ एनडीए नेताओं जैसे नितिन नवीन और ललन सिंह की सुरक्षा बढ़ाई गई। विपक्ष ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। सरकार का कहना था कि खतरे के आकलन के आधार पर यह फैसला लिया गया।
तेजस्वी यादव ने इस कटौती पर आपत्ति जताई थी। अब कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खबर के बीच उनकी सुरक्षा को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है।
पार्टी के लिए क्या मायने?
तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना आरजेडी के लिए कई मायनों में अहम होगा:
- युवा चेहरा आगे आएगा और पार्टी नई पीढ़ी को जोड़ेगी।
- लालू प्रसाद यादव की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए संगठन की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को मिलेगी।
- 2025 के बाद बिहार में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी मजबूत हो सकती है।
- राष्ट्रीय स्तर पर आरजेडी की मौजूदगी बढ़ेगी।
पार्टी के कई नेता मानते हैं कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी ज्यादा आक्रामक और संगठित हो सकती है।
बैठक में क्या होगा?
25 जनवरी की बैठक में तेजस्वी यादव के अलावा अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी हो सकते हैं। पार्टी संगठन में बदलाव, नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा होगी। लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी में यह बैठक निर्णायक साबित होगी।
अगर तेजस्वी यादव कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए तो बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू हो जाएगा। यह फैसला न केवल आरजेडी के लिए बल्कि पूरे विपक्ष के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।



