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Bihar News: बिहार में राजस्व विभाग का टोल-फ्री नंबर फेल, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने 10 बार कॉल किया लेकिन कोई जवाब नहीं

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने राजस्व विभाग के टोल-फ्री नंबर पर 10 बार कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं

Bihar News: बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग की टोल-फ्री सेवा की खामियां खुद उजागर कर दीं। उन्होंने जमीन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जारी टोल-फ्री नंबर पर 10 बार कॉल किया लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद वे सीधे राजस्व विभाग के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से सवाल-जवाब किया। अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। यह घटना बिहार में प्रशासनिक लापरवाही और जनता की शिकायतों के समाधान में हो रही देरी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

घटना का विवरण

गुरुवार को विजय सिन्हा ने राजस्व विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-345-6215 पर सुबह से कई बार कॉल किया। उन्होंने खुद करीब 10 बार फोन लगाया लेकिन हर बार कोई जवाब नहीं मिला। यह नंबर जमीन म्यूटेशन, राजस्व संबंधी शिकायतों और अन्य समस्याओं के लिए आम जनता के लिए बनाया गया था। शिकायतें मिल रही थीं कि नंबर पर फोन नहीं लगता या कोई सुनवाई नहीं होती। विजय सिन्हा ने खुद इसकी जांच की और पाया कि सेवा पूरी तरह फेल है।

इसके बाद वे अचानक विभाग के कॉल सेंटर और कार्यालय पहुंच गए। अधिकारियों को देखते ही घबराहट हुई। विजय सिन्हा ने नाराजगी जताते हुए पूछा, “सुबह से फोन क्यों नहीं लग रहा है? हम खुद 10 बार कॉल कर चुके हैं।” उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार दिया। कहा कि टोल-फ्री नंबर का मकसद जनता की शिकायतें तुरंत सुनना और समाधान करना है, न कि कागजों पर व्यवस्था दिखाना।

टोल-फ्री नंबर का उद्देश्य

यह टोल-फ्री नंबर 1800-345-6215 राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आम लोगों की सुविधा के लिए शुरू किया था। इससे जमीन संबंधी जानकारी, शिकायतें और समाधान के लिए संपर्क किया जा सकता है। सेवा सोमवार से शनिवार तक सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक उपलब्ध बताई गई थी। लेकिन व्यावहारिक रूप से यह काम नहीं कर रही थी। विजय सिन्हा ने कहा कि बिना प्रभावी सेवा के जनता अपनी समस्या कैसे बताएगी।

विजय सिन्हा के निर्देश और चेतावनी

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत तकनीकी खामियां दूर करने का आदेश दिया। कॉल सेंटर को 24 घंटे प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने साफ कहा कि भविष्य में ऐसी शिकायतें मिलीं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। विभाग को पारदर्शी और त्वरित सेवा देने की हिदायत दी। विजय सिन्हा ने भूमि माफिया और अन्य गड़बड़ियों पर पहले भी सख्त रुख अपनाया है। इस घटना से विभाग में हलचल मच गई है।

बिहार में राजस्व विभाग की चुनौतियां

बिहार में जमीन से जुड़ी समस्याएं बहुत आम हैं। म्यूटेशन, सर्वे, जमाबंदी और अन्य मामलों में देरी से लोग परेशान रहते हैं। टोल-फ्री नंबर जैसी सुविधा जनता को राहत देने के लिए है लेकिन अगर यह काम नहीं करती तो विश्वास टूटता है। विजय सिन्हा की यह कार्रवाई विभाग को जागृत करने वाली है। इससे पहले भी उन्होंने भूमि माफिया के खिलाफ अभियान चलाया है और अधिकारियों को चेतावनी दी है।

यह घटना बिहार सरकार की पारदर्शी प्रशासन की छवि पर असर डाल सकती है। जनता उम्मीद करती है कि अब टोल-फ्री नंबर पर फोन लगेगा और शिकायतों का समाधान होगा। विभाग को निर्देशों का पालन करना होगा। अन्यथा ऐसी लापरवाही दोहराने पर कार्रवाई तय है।

उपमुख्यमंत्री की यह पहल सराहनीय है क्योंकि खुद मंत्री स्तर पर जांच से सुधार की उम्मीद बढ़ती है। बिहार के लोगों को अब बेहतर राजस्व सेवा मिलने की संभावना है।

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