Bihar Panchayat Chunav: बिहार पंचायत चुनाव में पहली बार EVM से होंगे वोट, जाने नए आरक्षण रोस्टर और अन्य बड़े बदलाव
दिसंबर 2026 से पहले बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, पहली बार M3 ईवीएम का इस्तेमाल, नया आरक्षण रोस्टर लागू
Bihar Panchayat Chunav: बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि दिसंबर 2026 से पहले हर हाल में पंचायत चुनाव करा लिए जाएंगे। इस बार का पंचायत चुनाव कई ऐतिहासिक बदलावों के साथ होने जा रहा है, जिसमें सबसे बड़ा बदलाव पहली बार ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से मतदान होना है।
अब तक बिहार के पंचायत चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से ही होते रहे हैं, लेकिन अब तकनीक के दम पर चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी व तेज बनाने की तैयारी है।
पहली बार EVM से मतदान – M3 मॉडल की खासियतें
बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए M3 (मॉडल-3) ईवीएम यूनिट खरीदने का फैसला किया है, जो पुराने M2 मॉडल से अधिक उन्नत है। इन ईवीएम की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
-
एक कंट्रोल यूनिट के साथ 24 बैलेट यूनिट जोड़ी जा सकती हैं।
-
एक साथ 384 प्रत्याशियों तक की सूची दर्ज की जा सकती है।
-
एक कंट्रोल यूनिट के साथ छह पदों (जैसे मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य आदि) के लिए छह बैलेट यूनिट आसानी से जुड़ सकती हैं।
-
मतदान प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और कम खर्चीली होगी।
-
कुल 32,000 से अधिक M3 ईवीएम यूनिट खरीदी जाएंगी, जिस पर लगभग 64 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
नीतीश कुमार सरकार ने पहले ही पंचायत चुनाव के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी है, जिसमें ईवीएम खरीद, प्रशिक्षण, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च शामिल है।
नए आरक्षण रोस्टर का लागू होना
इस बार पंचायत चुनाव में नया आरक्षण रोस्टर लागू होगा। पिछले चुनावों में लागू रोस्टर की समीक्षा के बाद नए सिरे से आरक्षण का निर्धारण किया जा रहा है। इसमें महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण की नई सूची तैयार की जा रही है।
-
महिलाओं के लिए 50% आरक्षण पहले की तरह ही रहेगा।
-
SC/ST और OBC के लिए आरक्षण की सीटें जनसंख्या के अनुपात में नए सिरे से तय होंगी।
-
नए रोस्टर के कारण कई पंचायतों और वार्डों में आरक्षण की स्थिति बदल जाएगी, जिससे नए प्रत्याशियों को मौका मिलेगा।
अन्य महत्वपूर्ण बदलाव और तैयारियां
-
सीमांकन (Delimitation): पंचायतों और वार्डों का पुनर्गठन किया जा रहा है। जनसंख्या वृद्धि और विकास के आधार पर कुछ क्षेत्रों में नए वार्ड बनाए जा सकते हैं।
-
मतदाता सूची का विशेष संशोधन: चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है ताकि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे।
-
प्रशिक्षण और जागरूकता: ईवीएम के उपयोग के लिए पोलिंग अधिकारियों, कर्मचारियों और मतदाताओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
-
सुरक्षा व्यवस्था: चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती की जाएगी।
Bihar Panchayat Chunav: चुनाव कब होंगे?
बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दिया है कि पंचायत चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2026 में संभावित हैं, लेकिन अंतिम तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। यह चुनाव ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के पदों के लिए होगा, जिसमें लाखों मतदाता हिस्सा लेंगे।
यह बदलाव बिहार की ग्रामीण राजनीति को नई दिशा दे सकता है। EVM के इस्तेमाल से चुनाव प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और कम विवादास्पद होने की उम्मीद है। साथ ही नए आरक्षण रोस्टर से सामाजिक न्याय और समावेशिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग सभी तैयारियों में जुटे हैं ताकि पंचायत चुनाव सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। ग्रामीण बिहार के लिए यह चुनाव न केवल स्थानीय विकास का आधार बनेगा, बल्कि राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित करेगा



