Bihar News: पटना बनेगा फायर-सेफ शहर, 11 जगहों पर लगेंगे नए फायर हाइड्रेंट, 1.23 करोड़ की लागत से योजना मंजूर
पटना नगर निगम की बड़ी पहल, 1.23 करोड़ की लागत से कंकड़बाग, नूतन राजधानी और बांकीपुर में लगेंगे हाइड्रेंट, आग से बेहतर सुरक्षा
Bihar News: राजधानी पटना में अब आग लगने जैसी आपातकालीन स्थितियों में दमकल विभाग को पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। पटना नगर निगम ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में शहर के 11 महत्वपूर्ण इलाकों में नए फायर हाइड्रेंट (Fire Hydrants) लगाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।
यह पूरी परियोजना आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से क्रियान्वित की जाएगी, जिस पर लगभग 1.23 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
योजना की जरूरत क्यों पड़ी?
पटना में बढ़ती आबादी और घनी बस्तियों के बीच आग लगने की घटनाएं एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। वर्तमान में शहर के कई पुराने फायर हाइड्रेंट या तो खराब हो चुके हैं या हटा दिए गए हैं। ऐसे में आग लगने पर दमकल वाहनों को पानी भरने के लिए वापस फायर स्टेशन जाना पड़ता था, जिससे बहुमूल्य समय बर्बाद होता था।
महापौर सीता साहू ने बताया, “आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर पूरे शहर को अग्नि सुरक्षा का मजबूत कवच दिया जा रहा है। जगह-जगह हाइड्रेंट उपलब्ध होने से दमकल की गाड़ियों को तुरंत रिफिलिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा।”
कहां-कहां लगेंगे नए फायर हाइड्रेंट?
शहर के तीन प्रमुख अंचलों में कुल 11 फायर हाइड्रेंट स्थापित किए जाएंगे। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा चिह्नित किए गए स्थानों की सूची इस प्रकार है:
1. कंकड़बाग अंचल (कुल 06 स्थान):
-
विकलांग अस्पताल के पास स्थित स्लम क्षेत्र।
-
कंकड़बाग टेम्पो स्टैंड।
-
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स।
-
मलाही पकड़ी चौक के पास स्थित पार्क।
-
बहादुरपुर सेक्टर-7 के स्लम इलाके।
-
वार्ड संख्या 29, 35, 34, 44, और 46 के चिन्हित क्षेत्र।
2. नूतन राजधानी अंचल:
-
नेहरू नगर टैक्स भवन रोड के पास स्लम बस्ती।
-
अदालतगंज-अमरनाथ रोड के बीच स्थित सीपीआई क्वार्टर के पास।
-
जक्कनपुर थाना रोड पर आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय और चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के बीच का क्षेत्र।
3. बांकीपुर अंचल:
-
बांकीपुर अंचल के अंतर्गत घनी आबादी वाले चिन्हित स्लम और रिहायशी क्षेत्र।
लागत और कार्य प्रणाली
एक फायर हाइड्रेंट की स्थापना और उसे पाइपलाइन से जोड़ने पर करीब 11 लाख 23 हजार रुपये की लागत आएगी। ये हाइड्रेंट सीधे नगर निगम की मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन से जुड़े होंगे। इमरजेंसी के दौरान दमकल कर्मी विशेष कनेक्शन के जरिए इन हाइड्रेंट से सीधे पानी ले सकेंगे।
Bihar News: पटना स्मार्ट सिटी के लिए मील का पत्थर
यह योजना पटना को स्मार्ट और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड’ के तहत बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ अब अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नगर निगम के अनुसार, इस परियोजना पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों और स्लम क्षेत्रों के पास हाइड्रेंट लगने से घने इलाकों में दमकल की पहुंच और मारक क्षमता काफी बढ़ जाएगी।



