Bihar News: भागलपुर में खुलेंगे 9 नए अस्पताल बनेंगे, घर के पास मिलेगी बेहतर इलाज की सुविधा
शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनेगा, घर के पास मिलेगी बेहतर इलाज की सुविधा
Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। जिले में कुल 9 नए अस्पताल बनाए जाएंगे। इनमें 7 शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शामिल हैं। इनके बनने से नगर पंचायत क्षेत्रों के लोगों को घर के नजदीक ही अच्छी इलाज की सुविधा मिल जाएगी। अब छोटी-मोटी बीमारियों के लिए दूर मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार ने इन 7 शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मंजूरी दे दी है। सिविल सर्जन ने आदेश मिलते ही जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
ये अस्पताल कहां-कहां बनेंगे?
नए अस्पताल जिले के इन नगर पंचायत क्षेत्रों में बनाए जाएंगे
- कहलगांव
- हबीबपुर
- सबौर
- अकबरनगर
- पीरपैंती
- अजगैवीनाथधाम
- नवगछिया
पहले विभाग ने 11 सेंटर का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन मुख्यालय ने केवल 9 को स्वीकृति दी है।
मरीजों को कितनी राहत मिलेगी
अभी नगर पंचायत के लोग इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMC) या सदर अस्पताल जाते हैं। यह सफर लंबा और परेशानी भरा होता है।
नए सेंटर बनने से घर के पास ही डॉक्टर, नर्स और बुनियादी जांच की सुविधा मिलेगी। मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेगा। ये सेंटर आयुष्मान भारत योजना से जुड़े होंगे। यहां योग, स्वास्थ्य जागरूकता और जरूरी जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
निर्माण के लिए जमीन की चुनौती
ये अस्पताल 15वें वित्त आयोग की राशि से बनेंगे। राशि की मंजूरी मिल चुकी है। हर अस्पताल के लिए करीब 2100 वर्ग फीट जमीन चाहिए।
सिविल सर्जन ने सीओ को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र जारी किया है। लेकिन जमीन जुटाने में दिक्कत आ सकती है। पिछली बार ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए जमीन मिलने में 4 साल से ज्यादा समय लगा था। तब डीएम को हस्तक्षेप करना पड़ा था। सबौर CHC के पदाधिकारी ने सीओ सबौर से जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। जितनी जल्दी जमीन मिलेगी, उतनी ही जल्दी निर्माण का काम शुरू हो सकेगा।
Bihar News: क्या फायदा होगा?
ये 9 नए अस्पताल बनने से भागलपुर जिले की 30 लाख से ज्यादा आबादी को सीधा फायदा होगा। बड़े अस्पतालों पर बोझ कम होगा। स्थानीय स्तर पर इलाज शुरू हो जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति को घर के पास बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। जमीन मिलते ही काम तेजी से होगा। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं काफी मजबूत हो जाएंगी।



