बिहार
Trending

Bihar Politics: केसी त्यागी की जदयू से छुट्टी, पार्टी ने कहा - हमारा उनसे कोई आधिकारिक संबंध नहीं

नीतीश को भारत रत्न मांगने पर पार्टी का साफ ऐलान, कोई आधिकारिक संबंध नहीं बचा

Bihar Politics: बिहार की सियासत में नया मोड़ आया है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपने पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता केसी त्यागी से पूरी तरह दूरी बना ली है। पार्टी ने साफ कहा है कि केसी त्यागी के हालिया बयान पार्टी के आधिकारिक रुख से जुड़े नहीं हैं और उनसे पार्टी का कोई औपचारिक संबंध बाकी नहीं बचा है। यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करने वाले त्यागी के पत्र के बाद आया है।

नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग

केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित करने की अपील की। पत्र में उन्होंने नीतीश कुमार को समाजवादी आंदोलन का अनमोल रत्न बताया। त्यागी ने लिखा कि पिछले साल पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया गया। इसी तरह नीतीश कुमार भी इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के हकदार हैं। उन्होंने नीतीश कुमार के विकास कार्यों, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के प्रयासों का जिक्र किया। यह पत्र 8 या 9 जनवरी को लिखा गया और शुक्रवार को यह खबर सामने आई।

जदयू ने तुरंत बनाई दूरी

जदयू की ओर से महज एक दिन बाद यानी शनिवार 10 जनवरी 2026 को कड़ा बयान आया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि हाल के समय में केसी त्यागी के कई बयान सामने आए हैं। ये सभी बयान पार्टी के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाते। त्यागी ये बातें अपनी निजी क्षमता में कह रहे हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी यह पता नहीं है कि केसी त्यागी अभी जदयू के साथ जुड़े हुए हैं या नहीं। उनके किसी भी बयान को जदयू से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

प्रवक्ता ने भारत रत्न की मांग का सीधा जिक्र तो नहीं किया, लेकिन समय और घटनाक्रम को देखते हुए यह स्पष्ट है कि पार्टी को यह मांग पसंद नहीं आई। जदयू ने तेजी से प्रतिक्रिया देकर अपना रुख साफ कर दिया।

केसी त्यागी की भूमिका लगातार सिमटी

केसी त्यागी जदयू में पहले काफी अहम पदों पर रहे। वे पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव और प्रवक्ता हुआ करते थे। लेकिन पिछले कुछ सालों में उनकी भूमिका धीरे-धीरे कम होती गई। नीतीश कुमार की टीम ने उन्हें महासचिव और प्रवक्ता के पद से हटा दिया था। बाद में उन्हें केवल सलाहकार के रूप में रखा गया। अब राजीव रंजन प्रसाद के बयान से यह भी साफ हो गया है कि उनकी सलाहकार की जिम्मेदारी भी खत्म मानी जा रही है। पार्टी ने उनके साथ सभी औपचारिक संबंध तोड़ दिए हैं।

पहले भी आई थी ऐसी मांग, लेकिन पार्टी चुप रही

इससे पहले भी कई लोगों और संगठनों ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी। लेकिन हर बार जदयू की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इस बार केसी त्यागी के पत्र पर पार्टी ने इतनी तेजी से दूरी बनाई, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जानकार मानते हैं कि पार्टी अनुशासन बनाए रखने और किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए यह कदम उठा रही है।

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर और उपलब्धियां

नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं। उन्होंने कई बार सरकार बनाई और बिहार में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए। पार्टी का मानना है कि नीतीश कुमार का व्यक्तित्व इतना मजबूत है कि उन्हें किसी बाहरी मांग या सम्मान की जरूरत नहीं। सम्मान अपने आप उनके काम के कारण मिलता है।

Bihar Politics: अब आगे क्या होगा?

यह पूरा मामला 9 और 10 जनवरी 2026 को सामने आया। केसी त्यागी के पत्र के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई। जदयू ने एक दिन में ही अपना स्टैंड क्लियर कर दिया। अब सवाल यह है कि क्या केसी त्यागी आगे कोई बड़ा कदम उठाते हैं या यह मामला यहीं खत्म हो जाएगा। फिलहाल जदयू ने केसी त्यागी से पूरी तरह किनारा कर लिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button