Bihar News: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के जनसंवाद मॉडल का विरोध किया
विजय सिन्हा के जनसंवाद में तुरंत आदेश से नियम उल्लंघन का आरोप; अंचल अधिकारी परेशान, बोझ बढ़ा
Bihar News: बिहार में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के जनसंवाद मॉडल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों ने खुलकर विरोध किया है। अधिकारियों का कहना है कि जनसंवाद में सीधे शिकायतें सुनने और तुरंत निपटारे का आदेश देने से विभागीय नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन हो रहा है। कई अंचल अधिकारी (CO) और राजस्व कर्मी परेशान हैं। वे कह रहे हैं कि जनसंवाद में दिए गए आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं होते। इससे काम का बोझ बढ़ रहा है और गड़बड़ी की आशंका है।
अधिकारियों की मुख्य शिकायतें
- तुरंत आदेश: जनसंवाद में उपमुख्यमंत्री शिकायत सुनकर तुरंत निपटारे का आदेश देते हैं। अधिकारियों को 7-15 दिन में रिपोर्ट देनी पड़ती है।
- नियमों का उल्लंघन: दाखिल-खारिज, परिमार्जन जैसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया है। तुरंत आदेश से नियम टूटते हैं।
- बोझ बढ़ा: पहले से लंबित मामले हैं। जनसंवाद से नए मामले जुड़ रहे हैं।
- दबाव: आदेश न मानने पर कार्रवाई की धमकी।
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “जनसंवाद अच्छा है, लेकिन तुरंत फैसला देना गलत है। जांच के बिना आदेश से गलती हो सकती है।”
विजय सिन्हा का जनसंवाद मॉडल
विजय सिन्हा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग संभाल रहे हैं। वे हर हफ्ते जनसंवाद करते हैं। जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, म्यूटेशन जैसे मामलों की शिकायतें सुनते हैं। तुरंत अधिकारियों को आदेश देते हैं। उनका कहना है कि जनता को त्वरित न्याय मिले। सुशासन का यह मॉडल है।
विभाग की स्थिति
विभाग में हजारों मामले लंबित हैं। अधिकारियों की कमी है। जनसंवाद से काम और बढ़ गया है। कई अधिकारी ट्रांसफर या कार्रवाई के डर में हैं।
Bihar News: सरकार का पक्ष
उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि जनसंवाद से जनता को राहत मिल रही है। लंबित मामलों का तेज निपटारा हो रहा है। अधिकारियों को निर्देश मानने होंगे। गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई होगी।
बिहार में जनसंवाद मॉडल विवाद का विषय बन गया है। अधिकारी और सरकार के बीच तनाव है। आने वाले दिनों में और हलचल हो सकती है।



