Bihar News: दीपक कुमार फिर बने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, नीतीश कुमार ने अनुबंध पर तैनाती के नियमों में दी छूट
नीतीश कुमार ने रिटायरमेंट बाद अनुबंध पर तैनाती के नियमों में छूट दी; 1990 बैच IAS की वापसी
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विश्वसनीय अधिकारी दीपक कुमार को फिर से मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया है। दीपक कुमार पहले भी यह पद संभाल चुके हैं। इस बार उनकी तैनाती अनुबंध आधार पर की गई है। नियमों के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद अनुबंध पर तैनाती की कुछ शर्तें होती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने विशेष छूट देकर उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। यह फैसला बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में चर्चा का विषय बन गया है।
दीपक कुमार कौन हैं?
दीपक कुमार 1990 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे लंबे समय से नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। पहले भी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रह चुके हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण विभागों जैसे गृह, सामान्य प्रशासन और कैबिनेट सचिवालय संभाल चुके हैं। उनकी कार्यकुशलता और मुख्यमंत्री के साथ अच्छी तालमेल की वजह से उन्हें फिर से यह पद दिया गया है।
रिटायरमेंट के बाद अनुबंध पर तैनाती के लिए नियम हैं कि अधिकारी को 2 साल तक कोई पद नहीं दिया जा सकता। लेकिन मुख्यमंत्री ने विशेष मामलों में छूट का इस्तेमाल किया।
क्यों दी गई छूट?
नीतीश कुमार का मानना है कि दीपक कुमार जैसे अनुभवी अधिकारी की सेवाएं राज्य के हित में जरूरी हैं। प्रशासनिक कामों में उनकी समझ और अनुभव बेमिसाल है। मुख्यमंत्री कार्यालय में समन्वय और नीतियों के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने खुद इस तैनाती को मंजूरी दी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद आदेश जारी हुआ।
अधिकारियों में चर्चा
यह फैसला बिहार IAS एसोसिएशन में चर्चा का विषय बना है। कुछ अधिकारी कह रहे हैं कि नियमों में छूट देना ठीक है, अगर राज्य हित में हो। लेकिन कुछ ने सवाल उठाए कि क्या यह नियम सबके लिए लागू होंगे या विशेष मामलों में।
एक अधिकारी ने कहा, “दीपक कुमार जी अनुभवी हैं। उनकी तैनाती से प्रशासन को फायदा होगा।”
Bihar News: आगे क्या असर?
दीपक कुमार की वापसी से मुख्यमंत्री कार्यालय में काम की रफ्तार बढ़ेगी। नीतियों का तेज क्रियान्वयन होगा। अन्य विभागों में भी समन्वय बेहतर होगा। नीतीश कुमार अपने विश्वसनीय अधिकारियों पर भरोसा करते हैं। दीपक कुमार की तैनाती उसी कड़ी का हिस्सा है।
बिहार प्रशासन में यह तैनाती महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दीपक कुमार फिर से अपनी भूमिका निभाएंगे। राज्य के विकास में उनका योगदान रहेगा।



