Bharat Gaurav Teerth Yatra Special Train: भारत गौरव तीर्थ यात्रा स्पेशल ट्रेन सहरसा लौटी, यात्रियों ने साझा किए अनुभव
रामेश्वरम-मदुरै-कन्याकुमारी दर्शन के बाद 800+ यात्री वापस; यात्रियों ने सफर को यादगार बताया
Bharat Gaurav Teerth Yatra Special Train: सुपौल और सहरसा के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारत गौरव तीर्थ यात्रा स्पेशल ट्रेन रामेश्वरम, मदुरै और कन्याकुमारी दर्शन के बाद सफलतापूर्वक सहरसा लौट आई है। ट्रेन में शामिल 800 से ज्यादा यात्रियों ने मंदिरों के दर्शन, प्रार्थना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। रेलवे की यह ट्रेन 9 दिसंबर को सहरसा से रवाना हुई थी और 18 दिसंबर को वापस पहुंची। यात्रियों ने यात्रा को यादगार बताया।
ट्रेन का पूरा सफर कैसा रहा?
ट्रेन 05904/05903 (सहरसा -रामेश्वरम-सहरसा) स्पेशल थी। इसमें सहरसा, सुपौल, मधेपुरा और आसपास के जिलों के लोग शामिल हुए। यात्रा 10 दिनों की थी। मुख्य दर्शन स्थल:
- रामेश्वरम: रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना।
- मदुरै: मीनाक्षी मंदिर के दर्शन।
- कन्याकुमारी: विवेकानंद रॉक मेमोरियल और सूर्योदय-सूर्यास्त का नजारा।
ट्रेन में AC और स्लीपर कोच थे। रेलवे ने खाने-पीने की व्यवस्था की। यात्रियों ने कहा कि ट्रेन समय पर चल रही थी। रेलकर्मियों ने अच्छी सेवा दी।
यात्रियों के अनुभव क्या हैं?
यात्रा में शामिल एक महिला ने कहा, “रामेश्वरम में रामेश्वर लिंग पूजन किया। जीवन भर का सपना पूरा हुआ।” एक बुजुर्ग ने बताया, “कन्याकुमारी में सूर्योदय देखना अविस्मरणीय था। रेलवे ने सब कुछ अच्छा प्रबंध किया।” कई यात्रियों ने कहा कि ऐसी ट्रेनें और चलनी चाहिए।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह ट्रेन धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी। यात्रियों की संख्या अच्छी रही। आगे भी ऐसी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
सहरसा स्टेशन पर स्वागत
ट्रेन सहरसा स्टेशन पहुंचते ही यात्रियों का जोरदार स्वागत हुआ। परिवार वाले फूलों की मालाएं लेकर पहुंचे। कुछ यात्रियों ने मंदिर से लाए प्रसाद बांटे। स्टेशन पर भीड़ जमा हो गई। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। सफर के दौरान कोई बड़ी समस्या नहीं आई। यात्रियों ने रेलवे की तारीफ की।
Bharat Gaurav Teerth Yatra Special Train: आगे क्या प्लान?
रेलवे ने कहा कि भारत गौरव तीर्थ यात्रा ट्रेनों का सिलसिला जारी रहेगा। अगली ट्रेनें अयोध्या, वाराणसी और जगन्नाथ पुरी के लिए चलाई जा सकती हैं। यात्रियों को पहले से बुकिंग करानी होगी।
सहरसा और सुपौल के लोग खुश हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ट्रेनें गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को धार्मिक स्थलों तक पहुंचाती हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में और स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। यह यात्रा दिखाती है कि रेलवे धार्मिक पर्यटन पर कितना जोर दे रहा है। यात्रियों को सस्ती और सुरक्षित सफर मिल रहा है।



