Bihar Government: बिहार में सरकारी कर्मचारियों को वेतन के लिए देना होगा संपत्ति का ब्योरा, 15 फरवरी 2026 तक जमा नहीं किया तो सैलरी रुकेगी
15 फरवरी 2026 तक चल-अचल संपत्ति व कर्ज का ब्योरा नहीं दिया तो फरवरी वेतन रुकेगा; सभी ग्रुप A, B, C कर्मियों पर लागू
Bihar Government: बिहार सरकार ने सभी सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू कर दिया है। अब फरवरी 2026 का वेतन तभी मिलेगा, जब वे अपनी चल-अचल संपत्ति और कर्ज का पूरा ब्योरा जमा कर देंगे। यह नियम समूह क, ख और ग के सभी कर्मचारियों पर लागू होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
संपत्ति का ब्योरा जमा करना क्यों जरूरी?
सरकार पारदर्शिता लाना चाहती है। हर साल सरकारी कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्योरा देते हैं, ताकि पता चले कि कोई गलत तरीके से पैसा तो नहीं कमा रहा। अब 31 दिसंबर 2025 तक की संपत्ति का ब्योरा 15 फरवरी 2026 तक जमा करना होगा।
अगर कोई कर्मचारी समय पर ब्योरा नहीं देगा तो उसका फरवरी का वेतन रुक जाएगा। साथ ही अनुशासनिक कार्रवाई भी होगी। नवहट्टा की सीओ मौनी बहन ने बताया कि विभाग ने सभी को चेतावनी दे दी है।
ब्योरा कैसे और कहां जमा करें?
संपत्ति का फॉर्मेट सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। कर्मचारियों को इसे डाउनलोड कर भरना होगा। हर पेज पर हस्ताक्षर करना जरूरी है। एमएस वर्ड में भरा फॉर्म स्वीकार नहीं होगा।
जमा किया गया ब्योरा 31 मार्च 2026 तक विभाग की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इससे कोई भी देख सकेगा कि कर्मचारी के पास कितनी संपत्ति है।
डीडीओ की बड़ी जिम्मेदारी
हर विभाग के ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) को घोषणा पत्र देना होगा। इसमें लिखना होगा कि उनके विभाग के सभी कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया है। अगर कोई छूट गया तो डीडीओ की भी जिम्मेदारी होगी।
वेतन निकालते समय डीडीओ को चेक करना होगा कि कर्मचारी ने ब्योरा दिया है या नहीं। नहीं दिया तो वेतन नहीं निकलेगा।
नहीं मानने पर क्या सजा?
- फरवरी 2026 का वेतन रुक जाएगा।
- अनुशासनिक कार्रवाई शुरू होगी।
- विभाग को इसकी सूचना देनी होगी।
सरकार का कहना है कि यह नियम भ्रष्टाचार रोकने के लिए है। ईमानदार कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन जो छिपाना चाहते हैं, उनके लिए सख्ती है।
Bihar Government: कर्मचारियों पर क्या असर?
बिहार के लाखों सरकारी कर्मचारी इस नियम से प्रभावित होंगे। कई कर्मचारी कह रहे हैं कि यह अच्छा कदम है, इससे पारदर्शिता आएगी। लेकिन कुछ को फॉर्म भरने में दिक्कत हो रही है। विभाग हेल्पलाइन और ट्रेनिंग की व्यवस्था कर रहा है।
सहरसा सहित पूरे राज्य में अधिकारी इसकी तैयारी कर रहे हैं। समय पर ब्योरा जमा करने की सलाह दी जा रही है।
बिहार सरकार सुशासन पर जोर दे रही है। ऐसे नियमों से सरकारी कामकाज साफ-सुथरा होगा। कर्मचारी भी जिम्मेदारी से काम करेंगे। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इससे भ्रष्टाचार कम होगा और जनता को बेहतर सेवा मिलेगी।



