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प्रेमानंद जी महाराज ने बताई नरक की यातनाएं, चोरी और हिंसा करने वालों को मिलती है ये भयानक सजा

Premanand Ji Maharaj, नरक की भयानक यातनाएं, चोरी और हिंसा करने वालों को मिलती है ये सजा, महाराज ने बताया मुक्ति का उपाय।

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में नरक की भयानक यातनाओं का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग चोरी, हिंसा, झूठ और पाप करते हैं, उन्हें मृत्यु के बाद यमराज के दूत नरक ले जाते हैं। वहां अपराध के अनुसार अलग-अलग सजाएं दी जाती हैं। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो धर्म और कर्म की बातें सुनते हैं, उनके लिए महाराज का यह संदेश चेतावनी है कि पाप से बचें, वरना नरक की यातनाएं सहनी पड़ेंगी। महाराज ने गीता और पुराणों का हवाला देते हुए बताया कि नरक में सजा के बाद ही आत्मा को मुक्ति मिलती है।

चोरी करने वालों को नरक में क्या सजा मिलती है

महाराज ने कहा कि चोरी करने वाले को नरक में ‘तामिस्र’ नामक नरक में डाला जाता है। वहां अंधेरा इतना घना होता है कि कुछ दिखता नहीं। यमदूत चोर को लोहे की जंजीरों से बांधकर पीटते हैं। चोरी की चीज की कीमत के अनुसार सजा लंबी होती है। चोर को भूख-प्यास से तड़पाया जाता है और कीड़े काटते हैं। महाराज ने कहा कि छोटी चोरी भी बड़ा पाप है, जो नरक ले जाती है।

हिंसा करने वालों की भयानक यातना

हिंसा करने वाले को ‘अंधतामिस्र’ नरक में सजा मिलती है। वहां यमदूत हिंसक व्यक्ति को उल्टा लटकाकर गर्म तेल डालते हैं। जीभ काटी जाती है और आंखें फोड़ी जाती हैं। अगर किसी को मारकर संपत्ति लूटी हो तो ‘रौरव’ नरक में भेजा जाता है, जहां सांप और बिच्छू काटते हैं। महाराज ने कहा कि हिंसा से आत्मा को लंबी यातना सहनी पड़ती है।

झूठ बोलने और धोखा देने की सजा

झूठ और धोखा देने वाले को ‘अवाची’ नरक में उल्टा लटकाकर सजा दी जाती है। वहां मुंह से खून निकलता है और यमदूत कोड़े मारते हैं। महाराज ने कहा कि झूठ से रिश्ते टूटते हैं और नरक में यातना मिलती है।

नरक से बचने का उपाय: सत्कर्म और भक्ति से मुक्ति

महाराज ने कहा कि नरक से बचने का एक ही रास्ता है, सत्कर्म करें, सत्य बोलें, किसी का हक न मारें और भगवान का भजन करें। गीता में कहा गया है कि भक्ति से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। महाराज ने सलाह दी कि रोज भगवान का नाम लें, दान करें और हिंसा से दूर रहें। इससे नरक की यातना से मुक्ति मिलेगी और स्वर्ग या मोक्ष प्राप्त होगा।

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