Bihar Politics: बिहार कैबिनेट विस्तार, नीतीश ने नए विभाग बांटे, सुनील कुमार को उच्च शिक्षा
नीतीश ने गृह रखा अपने पास, सुनील कुमार को उच्च शिक्षा और संजय झा को रोजगार विभाग मिला।

Bihar Politics: बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने कैबिनेट में नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद गृह विभाग अपने पास रखा है। भाजपा कोटे के वरिष्ठ मंत्री सुनील कुमार को उच्च शिक्षा विभाग मिला है, जबकि संजय झा को टाइगर प्रोजेक्ट और रोजगार विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह आवंटन 12 दिसंबर 2025 को हुआ। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो शिक्षा और रोजगार की चिंता करते हैं, उनके लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है। नए मंत्रियों में सम्राट चौधरी को वित्त, विजय चौधरी को कृषि और नितिन नवीन को स्वास्थ्य जैसे प्रमुख विभाग मिले हैं। जेडीयू और भाजपा के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश दिख रही है।
Bihar Politics: प्रमुख विभागों का आवंटन
नीतीश कुमार ने गृह विभाग अपने पास रखा है, जो कानून-व्यवस्था की मुख्य जिम्मेदारी है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को वित्त और योजना विकास विभाग मिला है। दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को सड़क निर्माण और ऊर्जा विभाग दिया गया है। जेडीयू के विजय कुमार चौधरी को कृषि, पशुपालन और मत्स्य विभाग मिला। नितिन नवीन को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा के मंगल पांडेय को राजस्व और भूमि सुधार विभाग मिला। यह आवंटन गठबंधन की एकता को दिखाता है।
नए मंत्रियों को मिले विभाग: सुनील कुमार उच्च शिक्षा, संजय झा रोजगार
भाजपा के सुनील कुमार को उच्च शिक्षा विभाग मिला है, जो कॉलेजों और यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी संभालेंगे। संजय झा को टाइगर प्रोजेक्ट (वन्यजीव संरक्षण) और रोजगार विभाग दिया गया है। प्रेम कुमार को सहकारिता, दिलीप जायसवाल को उद्योग और पर्यटन विभाग मिला है। जेडीयू के श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास और मदन सहनी को समाज कल्याण विभाग सौंपा गया है। नए चेहरों में जमा खान को अल्पसंख्यक कल्याण और अशोक चौधरी को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग मिला है।
कैबिनेट विस्तार का महत्व: गठबंधन में संतुलन, विकास पर फोकस
यह आवंटन एनडीए गठबंधन में जेडीयू और भाजपा के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास है। नीतीश कुमार ने प्रमुख विभाग खुद या विश्वसनीय मंत्रियों को दिए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि जैसे जनहित के विभागों पर फोकस है। बिहार के विकास को गति देने के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है। नए मंत्री जल्द काम शुरू करेंगे। जनता को उम्मीद है कि विभागों का बेहतर प्रबंधन होगा।



