दिल्ली संगम विहार में भयानक आग: तीन मंजिला मकान में लगी भीषण चिंगारी, 4 की दर्दनाक मौत, 2 झुलसे
तीन मंजिला रिहायशी मकान में लगी भीषण आग, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई; मृतकों में दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हो सकते हैं।

Delhi Fire Tragedy: राजधानी दिल्ली के संगम विहार इलाके में शनिवार शाम एक भयानक आग ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया। संगम विहार के गली नंबर 3 स्थित एक तीन मंजिला मकान में शाम करीब 6:15 बजे भीषण आग लग गई। आग ने इतनी तेजी से फैलाव पकड़ा कि तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लोग चीखते-चिल्लाते भागने लगे। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
जूता दुकान से शुरू हुई आग: तीसरी मंजिल तक फैला धुआं
आग की शुरुआत मकान के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक जूता दुकान से हुई। शुरुआत में छोटी चिंगारी लगी, लेकिन जल्द ही यह भयानक आग बन गई। धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों पर फैल गया, जिससे रहने वाले लोग बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मकान में रहने वाले परिवारों ने दरवाजे-खिड़कियां तोड़ने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटों ने सब कुछ लील लिया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “आग इतनी तेज थी कि हम कुछ कर ही न सके। चीखें सुनकर दिल कांप गया।” मृतकों में दो महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
फायर ब्रिगेड ने मौके पर की बड़ी कार्रवाई:10 गाड़ियां पहुंचीं
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब 10 फायर टेंडर घटनास्थल पर पहुंचे और दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। फायर अधिकारी ने बताया कि आग जूता दुकान के सामान से तेजी से फैली। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या लापरवाही को कारण माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है। इलाके को खाली कराया गया और राहत कार्य जारी है।
संगम विहार का काला अध्याय: घनी आबादी वाले इलाके में बढ़ते हादसे, सुरक्षा पर सवाल
संगम विहार जैसे घनी आबादी वाले इलाके में आग लगना आम बात हो गई है। पुराने मकानों में फायर सेफ्टी का अभाव और संकरी गलियां रेस्क्यू को मुश्किल बनाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली सरकार को इन इलाकों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य करना चाहिए। स्थानीय लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। एक निवासी ने कहा, “हर साल ऐसे हादसे होते हैं, लेकिन कोई सबक नहीं लिया जाता।” दिल्ली फायर सर्विस ने चेतावनी दी है कि सर्दियों में हीटर्स के दुरुपयोग से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।



