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Bihar Politics: बिहार चुनाव हार की समीक्षा में RJD, तेजस्वी यादव अचानक दिल्ली पहुंचे, मीडिया से दूरी बनाई - क्या है निजी काम का राज?

RJD ने हार की वजह जानने के लिए पटना में प्रमंडल स्तर पर बैठकें शुरू कीं, मुख्य निशाना भितरघात करने वाले कार्यकर्ताओं पर।

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार झेलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी कमजोरियों पर गहराई से सोचना शुरू कर दिया है। पार्टी ने हार की वजह जानने के लिए पटना में प्रमंडल स्तर पर बैठकें शुरू की हैं। इसी बीच, RJD के युवा नेता और महागठबंधन के पूर्व सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने अचानक दिल्ली का रुख कर लिया। हवाई अड्डे पर पत्रकारों के सवालों से वे दूर ही रहे। यह कदम सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी का फोकस अब भितरघात पर है, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों।

Bihar  Politics: 143 में से सिर्फ 25 सीटें, हार की समीक्षा तेज

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में RJD और उसके गठबंधन को करारा झटका लगा। कुल 243 सीटों पर लड़े गए चुनाव में महागठबंधन को महज 35 सीटें मिलीं। RJD ने 143 सीटों पर दांव लगाया था, लेकिन जीत सिर्फ 25 ही हासिल हुई। तेजस्वी यादव को सीएम पद का चेहरा बनाया गया था, लेकिन नतीजे उम्मीदों पर पानी फेर गए। पार्टी इसे शर्मनाक हार मान रही है।

अब RJD ने पटना के पार्टी कार्यालय में हार की समीक्षा शुरू कर दी है। प्रमंडलवार बैठकें हो रही हैं, जिसमें जीते हुए विधायक और हारे हुए उम्मीदवार अपनी रिपोर्ट दे रहे हैं। राज्य अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, भोला यादव जैसे बड़े नेता इन बैठकों की अगुवाई कर रहे हैं। हर विधानसभा क्षेत्र की गहराई से जांच हो रही है। पार्टी का मुख्य निशाना भितरघात करने वाले लोगों पर है। कई कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि उन्होंने अंदर ही अंदर विरोधी दलों की मदद की। RJD ऐसी सूची तैयार कर रही है, जिसमें नाम आने वालों से सवाल-जवाब होंगे। अगर जवाब संतोषजनक न मिला तो कार्रवाई भी हो सकती है।

RJD हार समीक्षा: भितरघात की जांच, 4 दिसंबर तक प्रमंडल बैठकें

समीक्षा प्रक्रिया बहुत सख्त है। प्रमंडल स्तर की बैठकें 4 दिसंबर तक चलेंगी। उसके बाद जिला अध्यक्षों और राज्य स्तर के पदाधिकारियों के साथ चर्चा होगी। पूरी रिपोर्ट 9 दिसंबर तक तैयार हो जाएगी। पार्टी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा, “हम हार की हर वजह जानेंगे। भितरघात करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” यह सफाई अभियान RJD को मजबूत बनाने का कदम माना जा रहा है। लालू प्रसाद यादव की अनुपस्थिति में तेजस्वी ही पार्टी के चेहरा थे, लेकिन हार ने सवाल खड़े कर दिए। गठबंधन में कांग्रेस, वाम दलों की भूमिका पर भी नजर रखी जा रही है।

तेजस्वी यादव दिल्ली क्यों गए: अचानक सफर, मीडिया से बचाव ने बढ़ाई अटकलें

इसी बीच, तेजस्वी यादव ने गुरुवार दोपहर पटना से दिल्ली के लिए फ्लाइट ली। यह यात्रा इतनी जल्दबाजी में हुई कि सियासी गलियारों में खलबली मच गई। हवाई अड्डे पर पत्रकारों ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन तेजस्वी ने कोई जवाब नहीं दिया। आमतौर पर वे मीडिया से खुलकर बात करते हैं, लेकिन इस बार दूरी बना ली। सूत्रों के मुताबिक, यह निजी काम से जुड़ा सफर है। कोई आधिकारिक मीटिंग या पार्टी से संबंधित काम का जिक्र नहीं।

तेजस्वी के दिल्ली जाने से कई सवाल उठे हैं। क्या हार की समीक्षा से वे असहज हैं? या कोई नई रणनीति बना रहे हैं? पार्टी नेता भोला यादव ने कहा, “तेजस्वी का जाना सामान्य है। वे जल्द लौटेंगे।” लेकिन अटकलें थम नहीं रही। बिहार विधानसभा सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है, जिसमें नए विधायक शपथ लेंगे। उम्मीद है कि तेजस्वी सत्र से पहले पटना वापस आ जाएंगे। उनका यह कदम पार्टी के अंदरूनी माहौल को और गर्म कर सकता है।

RJD का भविष्य: सफाई अभियान से मजबूती, विधानसभा सत्र में क्या होगा?

RJD की यह समीक्षा पार्टी को नई दिशा देगी। भितरघात रोकने से कार्यकर्ताओं में अनुशासन आएगा। लेकिन गठबंधन की कमजोरी पर भी सोचना होगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि 2025 चुनाव में RJD की रणनीति फेल हो गई। अब 2029 के लिए तैयारी शुरू होनी चाहिए। तेजस्वी का दिल्ली दौरा निजी हो सकता है, लेकिन समय पर लौटना जरूरी है। सत्र में विपक्ष की भूमिका मजबूत रखनी होगी।

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