नवादा के वारिसलीगंज में खुलेगी नई चीनी मिल, 99.39 एकड़ सरकारी जमीन मुफ्त में होगी हस्तांतरित
गन्ना किसानों को भी मिलेगा लाभ, करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश होगा

पटना। बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नवादा जिले के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए मकनपुर मौजा की 99.39 एकड़ सरकारी जमीन गन्ना उद्योग विभाग को मुफ्त में हस्तांतरित की जाएगी।
मकनपुर में मिलेगी चीनी मिल के लिए जमीन
नई चीनी मिल के लिए वारिसलीगंज के मकनपुर मौजा की सरकारी जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार की ओर से जमीन गन्ना उद्योग विभाग को बिना किसी कीमत के उपलब्ध कराई जाएगी। इससे परियोजना के लिए जमीन की व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा चरण पूरा हो गया है। वारिसलीगंज में चीनी मिल लगाने की तैयारी पहले से चल रही थी। मार्च 2026 में प्रशासन ने मकनपुर क्षेत्र में करीब 102 एकड़ जमीन चिह्नित कर इसकी रिपोर्ट गन्ना उद्योग विभाग को भेजी थी। अब कैबिनेट ने 99.39 एकड़ सरकारी भूमि को विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है।
500 करोड़ रुपये के निवेश की बात
वारिसलीगंज में प्रस्तावित चीनी मिल परियोजना में करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कैबिनेट फैसले के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार, इस मिल से नवादा के अलावा आसपास के नालंदा, शेखपुरा और जमुई जिले के किसानों को भी लाभ मिलेगा।
गन्ना किसानों को मिल सकता है सीधा फायदा
चीनी मिल लगने से आसपास के क्षेत्रों में गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलने की संभावना है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नजदीकी मिल मिलने से परिवहन की दूरी और उससे जुड़े खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही गन्ना उत्पादन बढ़ने पर स्थानीय कृषि गतिविधियों को भी सहारा मिलने की उम्मीद है। चीनी मिल केवल गन्ने की खरीद और चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहती। इससे मिल परिसर और उससे जुड़े दूसरे कामों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं।
बिहार में नई चीनी मिलों पर जोर
बिहार सरकार ने हाल के महीनों में चीनी उद्योग को फिर से मजबूत करने पर जोर दिया है। सितंबर 2026 की समीक्षा में नवादा समेत राज्य के कुछ स्थानों पर नई चीनी मिलें स्थापित करने की तैयारी की जानकारी सामने आई थी। सरकार ने नवादा के वारिसलीगंज में प्रस्तावित जमीन का तकनीकी मूल्यांकन कराने की बात भी कही थी। वारिसलीगंज की यह परियोजना अब जमीन हस्तांतरण की मंजूरी के बाद अगले चरण में पहुंच गई है। आने वाले समय में परियोजना से जुड़ी निर्माण प्रक्रिया, निवेश और मिल की क्षमता को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।



