बिहार में बिजली दरों पर सियासी घमासान, तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बिजली दरों को लेकर घमासान तेज हो गया है। Tejashwi Yadav ने राज्य की Nitish Kumar सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाली सरकार अब “चीटर मीटर” के जरिए जनता से वसूली कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महज चार महीने में ही अपने वादों से पलट गई है और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।
⚡ क्या हैं नए बिजली दर?
तेजस्वी यादव के अनुसार, राज्य में अब समय के हिसाब से बिजली दरें तय की गई हैं:
शाम तक के पीक 6 घंटों में: ₹8.10 प्रति यूनिट
रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक: ₹7.10 प्रति यूनिट
बाकी समय: ₹5.94 प्रति यूनिट
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर असर डालेगी।
💬 चुनावी वादों पर सवाल
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय किए गए वादों के जरिए जनता को भ्रमित किया गया। उन्होंने कहा कि “10 हजार रुपये” जैसी योजनाओं से लोगों को अस्थायी रूप से खुश कर वोट हासिल किए गए, लेकिन अब उसकी भरपाई जनता से की जा रही है।
🏛️ चुनाव प्रक्रिया और भ्रष्टाचार पर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के आखिरी दिनों में हजारों करोड़ रुपये बांटे गए और आने वाले वर्षों में उसकी भरपाई की जाएगी।
⚠️ भविष्य को लेकर चेतावनी
तेजस्वी यादव ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार का दौर और बढ़ सकता है।
📊 निष्कर्ष:
बिहार में बिजली दरों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष जहां सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।



